Adityapur: आदित्यपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित बोर्ड की पहली औपचारिक बैठक सोमवार को निगम कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई, जो दोपहर 12 बजे शुरू होकर करीब साढ़े तीन घंटे तक चली। बैठक की अध्यक्षता मेयर संजय सरदार ने की, जबकि डिप्टी मेयर अंकुर सिंह और अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश भी मौजूद रहे। इस दौरान वार्ड पार्षदों और अधिकारियों के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी बहस और गहमागहमी भी देखने को मिली, जिससे साफ हुआ कि नई टीम शहर की समस्याओं को लेकर गंभीर है।
25 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक निगम भवन
बैठक में सबसे अहम निर्णय नए प्रशासनिक भवन को लेकर लिया गया। बोर्ड ने आदित्यपुर-2 स्थित जागृति मैदान में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक नगर निगम कार्यालय बनाने के प्रस्ताव को दोबारा मंजूरी दे दी। इसके साथ ही जागृति मैदान को खेलकूद और अन्य सामाजिक गतिविधियों के लिए विकसित करने का भी फैसला लिया गया, ताकि यह क्षेत्र लोगों के लिए बहुउद्देश्यीय सुविधा केंद्र के रूप में विकसित हो सके।
सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए शहर को 7 जोन में बांटा गया
शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगम क्षेत्र को 7 जोन में विभाजित करने का निर्णय लिया गया। पार्षदों की मांग पर प्रत्येक वार्ड में रोजाना 7 सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा मेयर और डिप्टी मेयर के कोटे से जरूरत के अनुसार 15-15 अतिरिक्त श्रमिक भी भेजे जाएंगे। हर वार्ड में दो बड़े डस्टबिन लगाए जाएंगे और डोर-टू-डोर कचरा उठाव को पूरी तरह निःशुल्क और नियमित बनाया जाएगा। वहीं, वार्ड संख्या 9 मिरुडीह में कचरा ट्रांसफर स्टेशन और वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।
पेयजल संकट और रोशनी व्यवस्था सुधारने पर जोर
गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संकट से निपटने के लिए हर वार्ड में दो-दो नए डीप बोरिंग कराने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही पुराने खराब चापाकलों और डीप बोरिंग की मरम्मत को युद्ध स्तर पर करने का निर्देश दिया गया है। शहर की रोशनी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए खराब हाई मास्ट और स्ट्रीट लाइटों को बदलने के साथ नए लाइट लगाने पर भी सहमति बनी है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
भ्रष्टाचार मुक्त और बेहतर सुविधा देने का लक्ष्य
बैठक के अंत में मेयर संजय सरदार और डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने स्पष्ट किया कि निगम का मुख्य उद्देश्य जनता को पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और त्वरित नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही खराब पड़े जेसीबी और फॉगिंग मशीनों को जल्द दुरुस्त कर उन्हें फिर से सेवा में लगाने का निर्देश भी दिया गया, ताकि शहर में सफाई और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं और बेहतर हो सकें।