Ranchi News : झारखण्ड उच्च न्यायालय ने धनबाद होमगार्ड भर्ती से जुड़े मामले में दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेवा से जुड़े मामलों में सामान्यतः PIL स्वीकार्य नहीं होती। याचिकाकर्ताओं ने होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए नियुक्तियों को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और कुछ अभ्यर्थी पात्रता मानदंडों पर खरे नहीं उतरे।
कोर्ट की अहम टिप्पणी, याचिका को बताया निष्प्रभावी
हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को चयन प्रक्रिया से शिकायत थी, तो उसे व्यक्तिगत रूप से अदालत का रुख करना चाहिए था। इस तरह के मामलों को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिस भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी गई है, वह काफी पुरानी है और उसका कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है। ऐसे में याचिका अब अप्रासंगिक हो गई है।
अनियमितता के आरोप पर्याप्त नहीं
अदालत ने यह भी पाया कि याचिका में लगाए गए आरोप सामान्य प्रकृति के हैं और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। साथ ही जिन लोगों की नियुक्ति पर सवाल उठाया गया, उन्हें पक्षकार भी नहीं बनाया गया था। इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि भर्ती से जुड़े विवादों में सीधे प्रभावित अभ्यर्थियों को ही कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी। जनहित याचिका के माध्यम से ऐसे मामलों को उठाना स्वीकार्य नहीं होगा।