Jamshedpur News: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जिला समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों के बीच तालमेल की कमी पर चिंता जताई. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में आ रही अंतर्विभागीय बाधाओं को अधिकारी आपसी समन्वय से तुरंत दूर करें. बैठक में आधारभूत नागरिक संरचना, जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण, शिक्षण संस्थानों में सुविधाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए.
क्षेत्रीय अधिकारियों को फील्ड विजिट का अल्टीमेटम
प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही तय करने के लिए उपायुक्त ने सभी बीडीओ (BDO), सीओ (CO) और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है. अब इन अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम 3-4 दिन का पहला हाफ फील्ड भ्रमण में बिताना होगा. उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी मौके पर जाकर नागरिकों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान करें, ताकि आम जनता को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल फाइलों में प्रगति दिखाने के बजाय धरातल पर वास्तविक सुधार दिखना चाहिए.
वित्तीय समावेशन और डोर स्टेप बैंकिंग पर फोकस
ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन और बीमा जैसी योजनाओं के पंजीकरण के बावजूद लाभुकों को अपेक्षित लाभ न मिलने पर उपायुक्त ने नाराजगी जाहिर की. समीक्षा में पाया गया कि कई लोग जानकारी के अभाव में अपनी योजनाओं का नवीकरण (Renewal) नहीं करा पाते हैं. इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने “बैंक सखी” और “बैंक कॉरेस्पोंडेंट” के माध्यम से ग्रामीणों के दरवाजे तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आंकड़ों के खेल से बाहर निकलकर नागरिकों के जीवन स्तर में बदलाव लाने के लिए संजीदगी से पहल करें.
कार्यसंस्कृति और ऑफिस मैनेजमेंट में सुधार की हिदायत
उपायुक्त ने सभी कार्यालय प्रधानों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और अनुशासन के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मानव संसाधन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए और नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार रखा जाए. साथ ही, सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को कार्यालयों के वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है. बैठक में उप विकास आयुक्त, एसडीएम धालभूम, जिला कल्याण पदाधिकारी समेत सभी तकनीकी विभागों के अभियंता और प्रखंड स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.