Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-04-15

Jharkhand News: अवैध खनन मामले में ED ने जब्त की 159 करोड़ रुपये की संपत्ति, “लाला” के डिजिटल सिंडिकेट का खुलासा; 10 के नोट से चलता था तस्करी का खेल

Jharkhand News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने “मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट” (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए “श्याम ग्रुप” से जुड़ी कंपनियों, श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड और श्याम फेरो अलॉयज लिमिटेड की 159.51 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है. जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों का नियंत्रण संजय अग्रवाल और बृज भूषण अग्रवाल के पास है. यह पूरा मामला ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयला चोरी से जुड़ा है, जिसका मुख्य सूत्रधार अनूप माझी उर्फ "लाला" बताया जा रहा है.

“लाला पैड” और 10 रुपये के नोट का अनोखा कोड
जांच में अपराधियों द्वारा तस्करी के लिए अपनाए गए "लाला पैड" सिस्टम का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. कोयले से लदे ट्रकों को सुरक्षित पार कराने के लिए 10 या 20 रुपये के नोट का उपयोग “यूनिक कोड” के रूप में किया जाता था. ट्रक ड्राइवर उस नोट को गाड़ी की नंबर प्लेट के पास रखकर फोटो खींचते थे और सिंडिकेट ऑपरेटर को व्हाट्सएप कर देते थे. यह फोटो संबंधित भ्रष्ट अधिकारियों तक पहुंचाई जाती थी, जिसके बाद उन ट्रकों को बिना किसी जांच या रोक-टोक के सीमा पार करा दिया जाता था.

हवाला नेटवर्क और फर्जी इनवॉइस का मायाजाल
ईडी ने इस अवैध कारोबार के लिए इस्तेमाल होने वाले एक विशाल अंडरग्राउंड हवाला नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है. अवैध कमाई को ठिकाने लगाने के लिए करेंसी नोटों के सीरियल नंबर का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि बैंकिंग सिस्टम की नजरों से बचा जा सके. इसके अलावा, गैर-मौजूद फर्जी कंपनियों के नाम पर टैक्स इनवॉइस जारी किए जाते थे ताकि काले धन को सफेद दिखाया जा सके. जब्त की गई संपत्तियों में भारी-भरकम कॉर्पोरेट बॉन्ड, निवेश और वैकल्पिक फंड शामिल हैं.

सिंडिकेट के खिलाफ कानूनी घेराबंदी तेज
इस कार्रवाई के बाद कोयला तस्करी के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है. ईडी मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से अर्जित हर एक पैसे की रिकवरी की जाएगी. वर्तमान में इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य व्यापारिक समूहों और हवाला ऑपरेटरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है और संपत्तियों की जब्ती का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !