Kolhan University: कोल्हान विश्वविद्यालय (KU) के परीक्षा विभाग ने सत्र 2022-26 स्नातक (चार वर्षीय) छठे सेमेस्टर का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है. आधिकारिक सूचना के अनुसार, कला, विज्ञान, वाणिज्य और वोकेशनल विषयों की ये परीक्षाएं 29 अप्रैल से शुरू होकर 9 मई तक चलेंगी. परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी; पहली पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी. परीक्षार्थियों को पहली पाली के लिए सुबह 9:30 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे केंद्र पर रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा.
मेजर और माइनर विषयों की महत्वपूर्ण तिथियां
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, 29 अप्रैल को मेजर-12 के तहत विज्ञान, वाणिज्य और वोकेशनल विषयों की परीक्षा दूसरी पाली में होगी. वहीं, इतिहास और राजनीति विज्ञान जैसे कला विषयों की मेजर-12 की परीक्षा 30 अप्रैल को निर्धारित है. परीक्षा का समापन 9 मई को माइनर विषयों के साथ होगा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी छात्र के एडमिट कार्ड में कोई त्रुटि है, तो वे परीक्षा शुरू होने से पहले अपने कॉलेज के माध्यम से इसे अनिवार्य रूप से ठीक करवा लें.
22 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, केंद्राधीक्षक नियुक्त
विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रों की सूची भी सार्वजनिक कर दी है, जिसके तहत कुल 22 केंद्रों पर परीक्षाएं संचालित होंगी. प्रमुख केंद्रों में जमशेदपुर के एबीएम कॉलेज के छात्रों के लिए एलबीएसएम कॉलेज को केंद्र बनाया गया है. वहीं, करीम सिटी कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा "द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर विमेन" में आयोजित की जाएगी. संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को केंद्राधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्हें समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.
कदाचार पर “जीरो टॉलरेंस” और सख्त चेतावनी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों (चीटिंग या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट) का प्रयोग करने या अनुशासनहीनता बरतने पर संबंधित छात्र को तुरंत निष्कासित कर दिया जाएगा और परीक्षा में “जीरो” अंक दिए जाएंगे. किसी भी तरह के भ्रम या अधिक जानकारी के लिए छात्र अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से संपर्क कर सकते हैं. 2026 के शैक्षणिक सत्र को समय पर पूरा करने की दिशा में विश्वविद्यालय का यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है.