Adityapur News: आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 18 स्थित राम मड़ैया बस्ती में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. आलम यह है कि नालियां कूड़े-कचरे से पटी पड़ी हैं और सड़क पर फैली गंदगी ने जीना मुहाल कर दिया है. नालियों से उठती भीषण दुर्गंध और पनपते कीड़े-मकोड़ों के कारण पूरी बस्ती में बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है. स्थानीय निवासी इस नारकीय स्थिति के बीच “त्राहिमाम” कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई सुध नहीं ली गई है.
चुनावी वादों और हकीकत में बड़ा अंतर
बस्ती के लोगों में जनप्रतिनिधियों और निगम के अधिकारियों के खिलाफ भारी आक्रोश है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे कर वोट मांगते हैं, लेकिन जीत हासिल करने के बाद वे बस्ती की बुनियादी समस्याओं को भूल जाते हैं. लोगों का कहना है कि जब एक सामान्य सफाई तक सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो फिर बड़े विकास के दावों का क्या अर्थ रह जाता है?
जवाबदेही से बच रहे जिम्मेदार अधिकारी
नगर निगम की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने जनता की परेशानी को और बढ़ा दिया है. बस्ती के लोगों ने सवाल किया है कि आखिर उनकी इस बदहाली का जिम्मेदार कौन है और उन्हें कब तक इस सड़ांध के बीच रहने को मजबूर किया जाएगा? बुनियादी सुविधाओं की इस अनदेखी ने निगम के “स्वच्छ सर्वेक्षण” के दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है.
प्रशासनिक संज्ञान का इंतजार
फिलहाल राम मड़ैया बस्ती की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब जागता है. देखना होगा कि निगम और वार्ड पार्षद जनता की इस नाराजगी को दूर करने के लिए धरातल पर क्या कदम उठाते हैं या व्यवस्था यूं ही कागजों में सिमटी रहती है.