West Singhbhum: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मोबाइल टावर अधिष्ठापन, आधार कार्ड निर्गमन, ई-गवर्नेंस व्यवस्था और प्रज्ञा केंद्रों के संचालन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत जिले के दूरस्थ और नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने के मुद्दे से हुई, जहां टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जिले का कोई भी क्षेत्र मोबाइल नेटवर्क से अछूता न रहे और हर व्यक्ति तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए।
हर शैडो एरिया तक नेटवर्क पहुंचाने का निर्देश
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि मोबाइल टावर लगाने के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के सभी शैडो एरिया को चिन्हित कर वहां जल्द से जल्द नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही पहले से स्थापित मोबाइल टावरों को पूरी तरह कार्यशील बनाए रखने, नेटवर्क रेंज बढ़ाने के लिए बूस्टर लगाने और फाइबर केबल बिछाने की प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया। संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया गया कि टावर अधिष्ठापन के लिए वन विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र समय पर लिया जाए और टावरों तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नेटवर्क सेवा में कोई बाधा न आए।
आधार कार्ड और प्रज्ञा केंद्रों की व्यवस्था की समीक्षा
बैठक के दूसरे चरण में आधार कार्ड निर्गमन और प्रज्ञा केंद्रों के संचालन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के हर नागरिक को चरणबद्ध तरीके से आधार से जोड़ा जाए। इसके लिए प्रखंड स्तर पर विशेष तीन दिवसीय शिविर आयोजित कर बच्चों और छात्र-छात्राओं का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही सभी आधार किट को सक्रिय और कार्यशील बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
अवैध प्रमाणपत्रों पर सख्ती, जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
प्रज्ञा केंद्रों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के अवैध प्रमाणपत्र जारी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और इस पर सख्त कार्रवाई होगी। सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रज्ञा केंद्रों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा वीएलई के माध्यम से स्कूलों में कंप्यूटर साक्षरता बढ़ाने और साइबर फ्रॉड तथा डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं से बचाव के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाने को कहा गया।
समन्वित प्रयास से बेहतर व्यवस्था की पहल
पूरी बैठक में यह साफ तौर पर देखा गया कि जिला प्रशासन तकनीकी और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों तक उनकी पहुंच आसान बनाने के लिए गंभीर है। मोबाइल कनेक्टिविटी से लेकर आधार और ई-गवर्नेंस सेवाओं तक हर स्तर पर सुधार के निर्देश दिए गए, जिससे आने वाले समय में जिले के लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।