Garhwa: झारखंड के गढ़वा जिले में राजनीतिक सरगर्मी अचानक तेज हो गई है, जहां पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने वर्तमान विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ गढ़वा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह मामला 22 अप्रैल को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक मंच से पूर्व मंत्री के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और निराधार टिप्पणियां कीं। शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को ठेस पहुंची, बल्कि उन्हें समाज में बदनाम करने की भी कोशिश की गई। पूर्व मंत्री ने अपने आवेदन में यह भी जिक्र किया है कि उन्हें डकैती और जमीन से जुड़े मामलों में कमीशन लेने वाला बताया गया, साथ ही उनके परिवार और पहचान को लेकर भी अपमानजनक बातें कही गईं, जिससे पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
सोशल मीडिया पर फैला मामला, पुलिस से साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि उक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो स्थानीय डिजिटल मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर फेसबुक पेजों के माध्यम से तेजी से वायरल हुआ, जिससे यह विवाद और व्यापक हो गया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इन वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और संबंधित प्लेटफॉर्म से तकनीकी जानकारी जुटाई जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। उनका कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक बयान न सिर्फ उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि लोगों के बीच उनके प्रति गलत धारणा भी बना रहे हैं।
मानसिक पीड़ा और सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
अपने आवेदन में पूर्व मंत्री ने यह भी उल्लेख किया है कि विधायक द्वारा दिए गए इन बयानों से उन्हें मानसिक रूप से काफी पीड़ा हुई है और उनकी छवि को गहरी क्षति पहुंची है। उन्होंने आशंका जताई है कि इस तरह के आरोपों और बयानबाजी से समाज में उनके खिलाफ घृणा फैल सकती है, जिससे उनके जान-माल की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनी रहे।