Jamshedpur: समाहरणालय सभागार में आयोजित नगर निकायों की समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी नगर निकायों के अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी लाई जाए, स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाया जाए और पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाए। साथ ही आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जेएनएसी सह मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार, जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक संदीप पासवान, चाकुलिया नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मोटाय बानरा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जहां विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल समस्या, आवास योजना, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग, राजस्व संग्रहण और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की। गर्मी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी सार्वजनिक स्थलों पर घड़ा और सुराही के माध्यम से अस्थायी पेयजल की व्यवस्था दो दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही एक सप्ताह के भीतर चिन्हित स्थानों पर वाटर एटीएम स्थापित कर उन्हें चालू करने को कहा गया। ड्राई जोन और पानी की किल्लत वाले क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। वहीं, सभी सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों में साफ-सफाई, बिजली और पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सख्त हिदायत दी गई।
सुबह 5 बजे से पहले सफाई का पायलट प्रोजेक्ट, स्वच्छता पर खास फोकस
उपायुक्त ने स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत मार्केट प्लेस और प्रमुख सड़कों की सफाई रात में या सुबह 5 बजे से पहले करने का निर्देश दिया, ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो। साथ ही नालों की सफाई बारिश से पहले अभियान चलाकर पूरा करने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को नियमित करने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने को कहा गया। अधिकारियों को रोजाना फील्ड निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था की निगरानी करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने, स्ट्रीट लाइट की नियमित मॉनिटरिंग करने और नगरीय आबादी को रोजगार व स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया, ताकि नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ आजीविका के अवसर भी बढ़ाए जा सकें।