Ranchi News: राजधानी रांची के पुंदाग इलाके में "दक्ष यूनिवर्सिटी" (वोकेशनल एंड लाइफ स्किल एजुकेशन) द्वारा फर्जी तरीके से डिग्री बांटने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने इस संस्थान को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए अपनी "फेक यूनिवर्सिटी लिस्ट" के क्रमांक-32 पर डाल दिया है. झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा ने रांची के डीसी को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
बिना अधिकार के बांटी जा रही थीं डिग्रियां
UGC की रिपोर्ट के अनुसार, भास्कर पथ, न्यू पुंदाग में संचालित यह यूनिवर्सिटी UGC अधिनियम 1956 की धारा 2(एफ) या धारा-3 के तहत स्थापित नहीं है. इसका सीधा अर्थ यह है कि यह संस्थान स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) या डिप्लोमा की कोई भी डिग्री देने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत नहीं है. इसके बावजूद, यहां धड़ल्ले से विभिन्न कोर्स चलाए जा रहे थे और छात्रों को अवैध डिग्रियां दी जा रही थीं, जिसे विभाग ने गंभीर आपराधिक मामला माना है.
स्पष्टीकरण मांगने पर प्रबंधन ने साधी चुप्पी
UGC, नई दिल्ली ने पूर्व में इस विश्वविद्यालय से स्पष्टीकरण मांगा था कि वे किस आधार पर शैक्षणिक डिग्रियां बांट रहे हैं, लेकिन संस्थान की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद ही UGC ने सार्वजनिक सूचना जारी कर छात्रों को यहां नामांकन न लेने की चेतावनी दी है. रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने पुष्टि की है कि विभाग का पत्र मिलने के बाद मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
छात्रों के भविष्य पर संकट और आर्थिक चपत
इस खुलासे से उन छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है जिन्होंने भारी फीस चुकाकर यहां से डिग्री ली है या अभी पढ़ाई कर रहे हैं. विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि इस फर्जी संस्थान द्वारा जारी की गई कोई भी डिग्री सरकारी या निजी क्षेत्र की नौकरियों के लिए मान्य नहीं होगी. संस्थान ने पढ़ाई के नाम पर छात्रों से मोटी रकम वसूली है, जो अब पूरी तरह डूबती नजर आ रही है.