Patna News : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक की अफवाहों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने 32 अभ्यर्थियों को भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंधित कर दिया है और मामले में कई जगहों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
अफवाह और नकल की कोशिशों पर कार्रवाई, कई गिरफ्तारियां
जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान पेपर लीक और नकल से जुड़ी अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाई गई थीं। जांच में सामने आया कि कुछ अभ्यर्थी और बाहरी तत्व मिलकर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में विभिन्न जिलों में एफआईआर दर्ज की गई है और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
पूरी परीक्षा रद्द, लाखों अभ्यर्थी प्रभावित
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और अन्य संबंधित परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इस फैसले से लगभग 11 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब तक पेपर लीक का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कठोर कदम उठाया गया है। साथ ही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पूरे मामले की जांच कर रही है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई, पारदर्शिता पर जोर
BPSC ने कहा है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सख्ती को लेकर एक मजबूत संदेश गया है।