Jamshedpur: टाटानगर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने बागबेड़ा स्थित ग्वाला बस्ती में लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने की दिशा में अहम पहल शुरू कर दी है। विभाग की ओर से अंचलाधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित भूमि के सीमांकन की मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस हिस्से पर रेलवे का स्वामित्व है। बताया जा रहा है कि जैसे ही सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होगी, रेलवे प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर एक साथ कच्चे और पक्के दोनों तरह के निर्माणों को हटाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। विभाग का मानना है कि यह जमीन रेलवे की संपत्ति है, जिस पर वर्षों से अवैध कब्जा बना हुआ है, और अब भविष्य की विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए इसे खाली कराना जरूरी हो गया है।
पूर्व में विरोध और मारपीट की घटना ने बढ़ाई सख्ती
इस पूरे मामले को लेकर पहले भी तनाव की स्थिति बन चुकी है। बीते 27 अप्रैल को रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी, मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बलों के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। उस दौरान कुछ परिवारों ने विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया था और स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर के साथ मारपीट की घटना सामने आई। इस अप्रिय घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और अब कार्रवाई को लेकर पहले से ज्यादा सख्त रुख अपना लिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की बाधाएं न आएं।
सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर केस, नोटिस भी जारी
मारपीट और विरोध के मामले में रेल अधिकारियों ने बागबेड़ा थाना में जितेंद्र यादव, राजकमल यादव, सहेंद्र यादव सहित अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से रेलवे ने इस मुद्दे को जिला और राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया है और लगातार पत्राचार किया जा रहा है। इसके साथ ही रेलवे ने बागबेड़ा क्षेत्र में बने कई सामाजिक भवनों को भी नोटिस भेजकर जमीन खाली करने की चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि प्रस्तावित कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।