Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-08

Jharkhand Politics: आयोग का गिफ्ट नहीं, कार्यकर्ताओं के खून से खिला है बंगाल में कमल, बाबूलाल मरांडी का तीखा वार, जीत को बताया कार्यकर्ताओं के बलिदान का परिणाम

Jharkhand Politics: झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत को लेकर उठ रहे सवालों पर कड़ा रुख अपनाया है. सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में उन्होंने उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें भाजपा की सफलता को ईवीएम, केंद्रीय बल या चुनाव आयोग की मेहरबानी बताया जा रहा था. मरांडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की जीत दिल्ली की मेहरबानी नहीं, बल्कि उन कार्यकर्ताओं के खून-पसीने का परिणाम है जिन्होंने 15 वर्षों तक टीएमसी के जुल्मों को सहा है. उन्होंने इस जीत को बंगाल के आत्मसम्मान और कार्यकर्ताओं के बलिदान की जीत करार दिया.

खूनी खेल और आशियाने जलने के दौर का जिक्र
बाबूलाल मरांडी ने 2011 से 2025 तक के सफर को एक महायज्ञ बताते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी आहुति देकर यह मुकाम हासिल किया है. उन्होंने नंदीग्राम से लेकर बीरभूम तक की हिंसा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा को वोट देने के अपराध में कार्यकर्ताओं को पेड़ों से लटकाया गया, बम से उड़ाया गया और महिलाओं की अस्मत तक को राजनीतिक हथियार बनाया गया. उन्होंने कहा कि यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे कोर्ट की फटकार और उन सीबीआई जांचों के पन्ने हैं जो टीएमसी के खूनी खेल की गवाही देते हैं.

कार्यकर्ताओं के चट्टानी मनोबल को किया नमन
अपने संदेश में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर मिलती थी, दोपहर को उसका बेटा उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता था. उन्होंने वामपंथियों के 34 साल के दमन और टीएमसी के 15 साल के खौफनाक शासन का जिक्र करते हुए कहा कि फर्जी मुकदमे, जेल और सामाजिक बहिष्कार भी भाजपा कार्यकर्ताओं के कदमों को डिगा नहीं सके. मरांडी ने कहा कि यह हौसला चुनाव आयोग नहीं, बल्कि बंगाल की मिट्टी और कार्यकर्ताओं का स्वाभिमान देता है.

शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सियासी सफर
मरांडी ने बंगाल में भाजपा के क्रमिक विकास का लेखा-जोखा पेश करते हुए इसे शून्य से शिखर तक की यात्रा बताया. उन्होंने रेखांकित किया कि 2011 में महज एक विधायक से शुरू हुआ सफर, 2021 में 77 विधायकों के साथ मुख्य विपक्ष बनने और अब 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय तक पहुंचा है. उन्होंने अंत में भावुक अपील करते हुए कहा कि जो लोग इसे सेटिंग कहते हैं, उन्हें उन गुमनाम शहीदों की कब्रों और जले हुए घरों की राख को देखना चाहिए, जिनके बलिदान ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन की नींव रखी है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !