Jharkhand News: बोकारो में करोड़ों रुपये के कथित ट्रेजरी घोटाले की जांच ने अब रफ्तार पकड़ ली है. इसी सिलसिले में उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल के नेतृत्व में शुक्रवार को पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम रांची से बोकारो पहुंची. टीम ने सर्किट हाउस के सभा कक्ष में डेरा डाल दिया है और संदिग्ध भुगतानों से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने अपनी शंकाएं दूर करने के लिए संबंधित विभागों के अफसरों से भी आमने-सामने पूछताछ की है.
दो वर्षों के संदिग्ध लेनदेन पर टिकी टीम की नजर
जांच टीम मुख्य रूप से वर्ष 2022 से लेकर अब तक के सभी संदिग्ध लेनदेन की फाइलों को खंगाल रही है. टीम के रडार पर सभी भुगतान वाउचर, बिल, आवंटन पत्र और बैंक स्टेटमेंट हैं. जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि किस मद में कितनी राशि निकाली गई और वास्तव में भुगतान किसे किया गया. इस दौरान जिन दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका है, उन्हें अलग कर उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
एक ट्रक भरकर पहुंचे दस्तावेज और अफसरों संग बैठक
बोकारो पहुंचने के बाद टीम ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. सर्किट हाउस में हुई इस बैठक में बोकारो उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और ट्रेजरी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे. जांच की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम को अध्ययन के लिए एक ट्रक में भरकर दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं. अमिताभ कौशल ने बताया कि करीब 4 से 5 हजार दस्तावेजों की सर्टिफाइड कॉपीज ली जा रही हैं, जिनका रांची मुख्यालय में भी विश्लेषण किया जाएगा.
फर्जी बिलों से अवैध निकासी और नियमों का उल्लंघन
यह पूरा मामला बोकारो ट्रेजरी से फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे. प्रधान सचिव ने कहा कि ट्रेजरी कोड और फाइनेंशियल डिपार्टमेंट के नियमों के उल्लंघन की गहनता से जांच की जा रही है. उन्होंने संकेत दिए कि यदि आवश्यकता पड़ी तो टीम दोबारा बोकारो आएगी. फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और कई अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है.