Jharkhand Weather Alert: रांची समेत झारखंड के कई जिलों में मौसम एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में लौट आया है. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही दक्षिण-पूर्व की हवाओं और देश के पूर्वी भाग में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण राज्य के मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 मई तक तापमान में बहुत अधिक वृद्धि नहीं होगी. अगले 24 घंटों के भीतर झारखंड के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है.
रांची में सामान्य से कम रहा तापमान और ओलावृष्टि की चेतावनी
पिछले 24 घंटों के दौरान रांची सहित राज्य के कई जिलों में छिटपुट बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है. राजधानी रांची में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री कम है. वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से चार डिग्री नीचे यानी 19.4 डिग्री रहा. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि रांची और आसपास के क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को फिलहाल राहत मिलती रहेगी.
देश के अन्य राज्यों में भी बारिश और पहाड़ों पर अलर्ट
झारखंड के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 11 से 14 मई के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में भी 11 मई की शाम से हल्की बारिश होने की संभावना है. दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भी मानसून पूर्व की सक्रियता के कारण भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के हिस्सों में लू का प्रकोप जारी रहेगा.
किसानों के लिए मौसम विभाग ने जारी की विशेष एडवाइजरी
ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. किसानों से कहा गया है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रखें. साथ ही बागवानी फसलों को तेज हवाओं से बचाने के लिए उचित सहारा देने का सुझाव दिया गया है. आम और लीची की फसल लेने वाले किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है ताकि ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.