Jamshedpur: जुगसलाई थाना अंतर्गत पुरानी बस्ती रोड स्थित पप्पू होटल के समीप एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक मासूम किशोरी को साजिश का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने न केवल मानवता को ताक पर रखकर किशोरी को अपने जाल में फंसाया, बल्कि उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसकी अस्मत और भविष्य को दांव पर लगा दिया। यह मामला महज यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आरोपियों ने अपराधीकरण की हदें पार करते हुए वीडियो वायरल करने की धमकी दी और किशोरी के पास रखे सोने-चांदी के जेवरात सहित नकदी भी जबरन छीन ली।
साजिश के तहत बिछाया गया जाल और फिर शुरू हुआ शोषण का खेल
पुलिसिया जांच और दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह पूरी घटना बीते 26 मार्च से 28 मार्च के बीच की बताई जा रही है। आरोपियों ने बड़ी ही चालाकी से किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने विश्वास में लिया और उसे सुनसान स्थान पर ले गए। वहां उन्होंने किशोरी की मर्जी के बिना उसका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। जैसे ही आरोपियों के हाथ में वह वीडियो आया, उन्होंने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया और किशोरी को समाज में बदनाम करने का डर दिखाकर ब्लैकमेल करना प्रारंभ कर दिया। इसी डरावने माहौल का फायदा उठाकर आरोपियों ने मासूम के पास मौजूद कीमती गहने और नकदी लूट ली। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद वे न्याय के लिए लगातार थाने की चौखट पर गुहार लगा रहे थे, जिसके बाद अब जाकर मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एक ही परिवार के चार सदस्यों पर नामजद प्राथमिकी: पुलिस की कार्रवाई तेज
जुगसलाई पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किशोरी के परिजनों के लिखित आवेदन पर कुल चार लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है। कानून के शिकंजे में आने वाले इन नामजद आरोपियों में रजाउल उर्फ राजू, उसकी मां रशीदा, उसकी बहन जीनत और भाई अब्दुल शेख शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, ये सभी आरोपी मूल रूप से जुगसलाई के हनुमान मंदिर के पास गौरी शंकर रोड के निवासी हैं और वर्तमान में वे सूबेद आलम के मकान में बतौर किराएदार रह रहे हैं। पुलिस ने इन चारों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है।
न्याय के लिए परिजनों का संघर्ष और जांच की स्थिति
घटना के बाद से ही पीड़ित किशोरी और उसका परिवार गहरे सदमे में है। बताया जा रहा है कि आरोपी पक्ष के प्रभाव और धमकियों के कारण परिजनों को शिकायत दर्ज कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और उन्हें कई बार थाने के चक्कर काटने पड़े। अब जब आधिकारिक रूप से मामला दर्ज हो चुका है, तो पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और वीडियो की तलाश में जुट गई है ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत अदालत में पेश किए जा सकें। जुगसलाई थाना प्रभारी का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित किशोरी को उचित सुरक्षा प्रदान करते हुए मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाई जाएगी।