Ranchi: रांची विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू किए गए "क्लस्टर सिस्टम" ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। सोमवार को इस व्यवस्था के विरोध में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आजसू (AJSU) और एबीवीपी (ABVP) से जुड़े छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और इसे छात्र विरोधी कदम करार दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि विरोध स्वरूप नोटिफिकेशन की प्रतियां भी फाड़ डालीं।
क्या है क्लस्टर सिस्टम और क्यों हो रहा विरोध?
नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग विषयों और स्ट्रीम की पढ़ाई को विशिष्ट कॉलेजों में सीमित कर दिया गया है। छात्रों का आरोप है कि इस सिस्टम के कारण उन्हें अपने अलग-अलग विषयों की क्लास के लिए एक ही दिन में कई कॉलेजों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
- दूरी की समस्या: छात्रों ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी को अंग्रेजी पढ़नी है तो उसे डोरंडा कॉलेज जाना होगा, जबकि उसी छात्र को अर्थशास्त्र (Economics) की क्लास के लिए एसएस मेमोरियल कॉलेज दौड़ना पड़ेगा।
- समय और धन की बर्बादी: छात्रों का तर्क है कि इस भागदौड़ से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद होगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों पर यात्रा खर्च का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
छात्राओं ने जताई सुरक्षा पर चिंता
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने इस सिस्टम को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग और दूर स्थित कॉलेजों तक आने-जाने के दौरान उन्हें सुरक्षा का खतरा बना रहेगा। रास्ते में मनचलों और असामाजिक तत्वों से होने वाली परेशानी उनकी पढ़ाई में बड़ी बाधा बन सकती है। छात्रों के अनुसार, राज्य में वर्तमान ट्रांसपोर्ट व्यवस्था और सड़कों की स्थिति ऐसी नहीं है कि छात्र आसानी से एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज की दौड़ लगा सकें।
इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की कमी पर सवाल
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय और सरकार बुनियादी समस्याओं को सुलझाने के बजाय नए प्रयोग थोप रही है। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में पहले से ही शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी है, स्कॉलरशिप समय पर नहीं मिल रही है और शैक्षणिक सत्र भी नियमित नहीं है। छात्रों का कहना है कि क्लस्टर सिस्टम "मल्टीडिसिप्लिनरी" शिक्षा की मूल अवधारणा के खिलाफ है, क्योंकि एक कॉलेज को एक ही स्ट्रीम तक सीमित करने से छात्रों की विषय चुनने की आजादी खत्म हो जाएगी।
सड़क से सदन तक आंदोलन का अल्टीमेटम
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी है कि यदि इस विवादित क्लस्टर सिस्टम को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। छात्र नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सड़क से लेकर सदन तक चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, इस हंगामे के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल है और प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है।