India Fuel Reserves: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देश में ईंधन की कमी को लेकर उठ रहे सवालों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्थिति साफ की है. सरकार के मुताबिक, भारत के पास वर्तमान में 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों का प्राकृतिक गैस और 45 दिनों का रसोई गैस (LPG) भंडार सुरक्षित है. इसके अलावा, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी 703 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर है, जो किसी भी वैश्विक संकट से निपटने के लिए पर्याप्त है.
पश्चिम एशिया संकट के बीच कीमतों पर नियंत्रण
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रियों के समूह की बैठक में बताया गया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत में पिछले 70 दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. जबकि कई देशों में कीमतें 30 से 70 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं. हालांकि, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय तेल कंपनियों को प्रतिदिन करीब 1,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार इसका पूरा बोझ जनता पर नहीं पड़ने दे रही है.
ईंधन संरक्षण और PM मोदी की अपील
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईंधन बचाने की अपील सिर्फ वर्तमान बचत के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए है. गौरतलब है कि पीएम मोदी ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो आदि) का उपयोग करने, साझा वाहन (कारपूलिंग) अपनाने और अनावश्यक विदेशी यात्राओं व सोने की खरीद टालने का आग्रह किया है. किसानों से भी अपील की गई है कि वे रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करें और सोलर पंप अपनाएं.
उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक और उद्योगों को राहत
सरकार ने जानकारी दी कि 11 मई तक देश में कुल 199.65 लाख टन उर्वरक उपलब्ध है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है. खरीफ सीजन के लिए जरूरी खाद का 51 प्रतिशत भंडार पहले से मौजूद है. इसके साथ ही, उद्योगों को राहत देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना के नए चरण को मंजूरी दी है, जिसके तहत 2.55 लाख करोड़ के अतिरिक्त ऋण का लक्ष्य रखा गया है.