Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत के कारण मंगलवार को अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। शहर के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं और स्थिति अनियंत्रित होने लगी। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को खुद सड़कों पर उतरना पड़ा। चाईबासा एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो, एसडीपीओ बहामन टुटी और सदर सीओ उपेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से विभिन्न पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
राशनिंग प्रणाली लागू, दोपहिया वाहनों को मात्र 100 रुपये का पेट्रोल
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने पेट्रोल पंप मालिकों के साथ बैठक की और जनता की असुविधा को कम करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि फिलहाल किसी भी दोपहिया वाहन को 100 रुपये से अधिक का पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही सुरक्षा और कालाबाजारी को रोकने के उद्देश्य से बोतलों या गैलन में पेट्रोल देने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों ने पंप संचालकों को निर्देश दिया कि वे कतारों को व्यवस्थित रखें ताकि आम नागरिकों को न्यूनतम परेशानी हो।
टैंकरों के देरी से पहुंचने के कारण उपजा संकट
समस्या के मूल कारणों पर चर्चा करते हुए एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो ने बताया कि मुख्य रूप से पेट्रोल टैंकरों के समय पर चाईबासा नहीं पहुंचने के कारण यह संकट उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में आई बाधा को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही टैंकरों का परिचालन सामान्य होगा, पंपों पर ईंधन की उपलब्धता पहले की तरह सुचारू हो जाएगी।
जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने चाईबासा की जनता से अपील की है कि वे पैनिक न हों और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। एसडीओ ने आश्वासन दिया कि प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और बहुत जल्द इस समस्या का स्थाई समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईंधन की किल्लत को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा और किसी भी नागरिक को आवश्यक कार्यों के लिए तेल की कमी नहीं होने दी जाएगी।