Seraikela: निधि द्विवेदी की अध्यक्षता में बुधवार को पुलिस कार्यालय सभागार में अप्रैल माह की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक, थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले में चल रहे विभिन्न पुलिस प्रोजेक्ट्स और अपराध नियंत्रण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। एसपी ने बेहतर कार्य करने वाले थाना प्रभारियों की सराहना भी की।
स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान की सराहना
एसपी निधि द्विवेदी ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था। इसके तहत पुलिस टीमों ने चौपाल और पंचायत स्तर तक पहुंचकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सभी थानों ने गंभीरता से लिया और बेहतर तरीके से संचालित किया।
प्रोजेक्ट डिवाइस के तहत 75 मोबाइल लौटाए गए
पुलिस द्वारा शुरू किए गए “प्रोजेक्ट डिवाइस” के तहत सीईआईआर पोर्टल की मदद से खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर लोगों को लौटाए जा रहे हैं। एसपी ने जानकारी दी कि पिछले 20 से 25 दिनों के भीतर लगभग 75 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए गए हैं। इस संबंध में विस्तृत डेटा जल्द जारी किया जाएगा।
लाल वारंट के निष्पादन पर विशेष जोर
अपराध गोष्ठी में लंबित मामलों और वारंटों की समीक्षा भी की गई। एसपी ने कहा कि इस माह रिपोर्ट हुए मामलों से अधिक केसों का निष्पादन किया गया है, जो सराहनीय है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को परमानेंट वारंट यानी “लाल वारंट” के निष्पादन के लिए मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया। साथ ही अन्य सभी प्रकार के वारंटों को भी तेजी से डिस्पोज और इंस्टीट्यूट करने को कहा गया।
मिसिंग मामलों को दी जा रही सर्वोच्च प्राथमिकता
एसपी ने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। चाहे मामला महिला, पुरुष, बच्चे या वयस्क का हो, सभी में त्वरित रेस्क्यू और रिकवरी प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी मामलों में निर्धारित एसओपी का पालन करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नशे और अपराध पर सख्ती, ट्रैफिक व्यवस्था की भी समीक्षा
बैठक में एनडीपीएस और नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। जिला पुलिस को नशा तस्करी और संबंधित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए मॉनिटरिंग, एंटी क्राइम चेकिंग और सघन गश्ती अभियान जारी रखने पर जोर दिया गया। ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।