National News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देशभर में सरकारी खर्च कम करने, ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई पहल दिखाई देने लगी है. केंद्र से लेकर राज्यों तक कई बड़े नेताओं और मंत्रियों ने अपने काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम करनी शुरू कर दी है. कई मंत्री अब सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस कदम को प्रशासनिक सादगी और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है. दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में नेताओं के काफिलों में कटौती देखने को मिली है. राजनीतिक गलियारों में अब इस बात पर भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या दूसरी पार्टियों के नेता भी इस अभियान में शामिल होंगे या नहीं.
दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने बदला तरीका, किसी ने घटाया काफिला तो कोई मेट्रो और इलेक्ट्रिक कार से पहुंचा दफ्तर
प्रधानमंत्री की अपील का असर दिल्ली सरकार के मंत्रियों में भी साफ दिखाई दिया. दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. वहीं मंत्री आशीष सूद ने इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल शुरू किया है और कई मौकों पर सार्वजनिक परिवहन का भी सहारा लिया है. इसके अलावा मंत्री कपिल मिश्रा मेट्रो से सफर करते हुए कार्यालय पहुंचे. उन्होंने कहा कि अब केवल जरूरत पड़ने पर ही सरकारी वाहन का इस्तेमाल करेंगे. इन कदमों को सरकार की ओर से ईंधन बचत और प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है.
राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने भी घटाए काफिले, गैर जरूरी कार्यक्रमों में कटौती के संकेत
राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिले छोटे करने का फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल से मुलाकात के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों के काफिलों में पहले की तुलना में काफी कम गाड़ियां नजर आईं. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाएगा. उन्होंने संकेत दिए कि गैर जरूरी कार्यक्रमों को या तो छोटा किया जाएगा या फिर रद्द कर दिया जाएगा ताकि सरकारी खर्च और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके.
गुजरात और महाराष्ट्र में भी दिखा असर, देवेंद्र फडणवीस ने विदेश यात्राओं और बैठकों को लेकर जारी किए निर्देश
गुजरात में भी प्रधानमंत्री की अपील का असर साफ दिखाई दिया. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने काफिले में पहले की तुलना में काफी कम गाड़ियां रखीं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी काफिले में वाहनों की संख्या घटाने का ऐलान किया है. इसके साथ ही उन्होंने विदेश यात्राओं पर नियंत्रण रखने, वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता देने और कई मामलों में मंत्री स्तर पर मंजूरी की नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं. महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने भी अपने काफिले में कटौती की है और कुछ आधिकारिक यात्राएं रद्द कर दी हैं.
मध्य प्रदेश में मोहन यादव के सख्त निर्देश, 13 से घटाकर 8 गाड़ियां किया गया काफिला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले में सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने वाहन रैलियों पर रोक लगाने और अनावश्यक जाम से बचने के लिए कदम उठाने को कहा है. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य के कई मंत्रियों ने अपने काफिले छोटे कर लिए हैं. खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटा दी है. पहले उनके काफिले में 13 गाड़ियां शामिल थीं, जिसे अब कम करके 8 कर दिया गया है.
ईंधन बचत और सरकारी खर्च कम करने की दिशा में बड़ा संदेश, अब दूसरी पार्टियों पर भी नजर
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद देशभर में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर एक बड़ा अभियान शुरू होता दिखाई दे रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी खर्च में कटौती माना जा रहा है.
हालांकि अब तक इस पहल में ज्यादातर भाजपा शासित राज्यों के नेता ही सक्रिय नजर आए हैं. ऐसे में अब राजनीतिक हलकों में इस बात पर नजर बनी हुई है कि दूसरी पार्टियों के मुख्यमंत्री और नेता भी इस अभियान का समर्थन करेंगे या फिर अलग रास्ता अपनाएंगे.