NEET Paper Leak Update: देश के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश परीक्षा घोटालों में शामिल NEET पेपर लीक मामले में हर दिन नए और हैरान करने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. अब जांच एजेंसियों के सामने राजस्थान का एक ऐसा परिवार आया है, जिसके कई सदस्यों पर कथित तौर पर लीक पेपर के जरिए मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने का आरोप है. इस पूरे मामले ने ना सिर्फ परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों और अभिभावकों के भरोसे को भी गहरी चोट पहुंचाई है. जांच में सामने आया है कि जिन छात्रों का पहले का शैक्षणिक रिकॉर्ड बेहद कमजोर था, वही अचानक NEET में टॉप स्कोर करने लगे. एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई हैं.
10वीं में 43 प्रतिशत लाने वाला छात्र NEET में 600 अंक लाने वाला था
जांच एजेंसियों के मुताबिक ऋषि बीवाल नाम का छात्र इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाले नामों में शामिल है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऋषि का पढ़ाई में प्रदर्शन हमेशा बेहद कमजोर रहा था. उसने 10वीं की परीक्षा केवल 43 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी.
इतना ही नहीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी उसकी स्थिति काफी खराब बताई जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार उसे फिजिक्स में 9 अंक, केमिस्ट्री में 15 अंक और बायोलॉजी में 56 में से सिर्फ 20 अंक मिले थे. वह कई विषयों में फेल होने की स्थिति में था और केवल ग्रेस मार्क्स की वजह से 12वीं पास कर पाया था. लेकिन जांच में यह बात सामने आई है कि अगर पेपर लीक का मामला उजागर नहीं होता, तो वही छात्र NEET परीक्षा में 600 से अधिक अंक हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने में सफल हो जाता.
एक ही परिवार के कई सदस्यों पर लगा पेपर लीक से फायदा लेने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार बीवाल परिवार का मामला केवल एक छात्र तक सीमित नहीं है. परिवार के पांच अन्य सदस्य विकास, प्रगति, गुंजन, सानिया और पलक भी जांच के दायरे में आए हैं. बताया जा रहा है कि इन सभी ने साल 2025 की NEET परीक्षा में सफलता हासिल की थी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाया था. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि साल 2024 तक इन छात्रों का प्रदर्शन सामान्य और औसत माना जा रहा था, लेकिन 2025 में अचानक इन सभी के अंक 98 प्रतिशत तक पहुंच गए. अब एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि क्या इन छात्रों को भी पेपर लीक नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था.
बिना बड़े कोचिंग संस्थान के अचानक बढ़े नंबरों ने बढ़ाया शक
एसओजी और सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार के इन छात्रों ने किसी बड़े या नामी कोचिंग संस्थान में दाखिला नहीं लिया था. इसके बावजूद इतने कम समय में सभी का प्रदर्शन अचानक असाधारण हो जाना जांच एजेंसियों को संदिग्ध लगा. जांच अधिकारियों को शक है कि इस परिवार ने मुख्य आरोपियों मांगीलाल, दिनेश और विकास के जरिए सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से लीक पेपर हासिल किया था. इसी कड़ी में राजस्थान के करीब 150 छात्र अब सीबीआई की निगरानी में हैं, जिन पर इसी नेटवर्क से पेपर लेने का संदेह जताया गया है.
एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ था हस्तलिखित गेस पेपर
जांच में यह खुलासा भी हुआ है कि 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा से पहले एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक हस्तलिखित गेस पेपर प्रसारित किया गया था. एजेंसियों के NEET Paper Leak Update:मुताबिक उस गेस पेपर में शामिल कई सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. इसी खुलासे के बाद पूरे देश में परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर विवाद बढ़ गया था और लाखों छात्रों ने जांच की मांग की थी.
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, अब 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा
पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 12 मई को आधिकारिक तौर पर NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी.
अब देशभर के छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं. नई परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी. वहीं जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में लगी हैं कि आखिर यह नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें किन किन लोगों की भूमिका रही.
मेहनती छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल
इस पूरे घोटाले ने उन लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, जो सालों तक कठिन तैयारी कर ईमानदारी से परीक्षा देते हैं. अब छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाया जाए.