Seraikela: कपाली ओपी क्षेत्र में 7 मई 2026 को दिनदहाड़े माइक्रो फाइनेंस कर्मी से हुई लूट मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस घटना में शामिल मुख्य आरोपी तारिक कुरैशी उर्फ अयान कुरैशी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर फायरिंग कर करीब डेढ़ लाख रुपये लूटने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, घटना 7 मई की दोपहर करीब 3:15 बजे डैमडूबी अंसारनगर इलाके में रबाना खातून के घर के पास हुई थी। बाइक सवार अपराधियों ने माइक्रो फाइनेंस कर्मी को निशाना बनाते हुए फायरिंग की और नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
एसपी के निर्देश पर बनी थी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए निधि द्विवेदी के निर्देश पर कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को इस कांड में तारिक कुरैशी की संलिप्तता का पता चला। आरोपी मूल रूप से डैमडूबी अंसारनगर का रहने वाला है, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए वह नागपुर में छिपकर रह रहा था।
नागपुर से दबोचा गया आरोपी
पुलिस टीम ने नागपुर के ताजबाग अयोध्या नगर इलाके में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए कपाली लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने लूट और फायरिंग की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया 7.65 एमएम का लोडेड पिस्टल और एक जिंदा गोली भी बरामद की है।
जब्बार हत्याकांड में भी था फरार
पुलिस के अनुसार तारिक कुरैशी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। वह वर्ष 2021 में हुए चर्चित जब्बार अंसारी हत्याकांड में भी आरोपी है और पिछले सात वर्षों से फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी अक्सर पुलिस को चुनौती देता था कि उसे कोई गिरफ्तार नहीं कर सकता। कपाली ओपी और चांडिल थाना में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2016 से लेकर 2021 तक उस पर कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
छापेमारी टीम की भूमिका अहम
इस कार्रवाई में ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार, एसआई रंजीत कुमार सिंह, मनोज कुमार मिश्रा, आरक्षी दस्तगीर आलम और तकनीकी शाखा के कर्मियों की अहम भूमिका रही।