UAE Barakah Nuclear Plant Drone Attack: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रविवार को एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है. इस अचानक हुए हवाई हमले के बाद संयंत्र के परिसर में भीषण आग लग गई, जिससे चारों तरफ हड़कंप मच गया. अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ड्रोन स्ट्राइक परमाणु प्लांट की मुख्य सुरक्षा दीवार के बाहरी हिस्से में बने एक जनरेटर रूम को निशाना बनाकर की गई थी, जिसके बाद जनरेटर में तेजी से आग भड़क उठी.
आग पर पाया गया काबू, कोई हताहत नहीं
वारदात की सूचना मिलते ही आपातकालीन सुरक्षा बल और दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. राहत की बात यह रही कि इस बड़े सुरक्षा उल्लंघन के बाद भी किसी प्रशासनिक कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी के हताहत या घायल होने की कोई खबर नहीं है. यूएई की फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने त्वरित तकनीकी जांच के बाद स्पष्ट किया है कि प्लांट के सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा सिस्टम बिल्कुल सामान्य रूप से काम कर रहे हैं.
रेडियोलॉजिकल सुरक्षा को कोई खतरा नहीं
परमाणु नियामक संस्था ने वैश्विक चिंताओं को दूर करते हुए साफ किया है कि इस ड्रोन हमले से प्लांट के रेडियोलॉजिकल सुरक्षा स्तरों पर रत्ती भर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और मुख्य परमाणु रिएक्टर पूरी तरह महफूज हैं. स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि इस ड्रोन को कहां से ऑपरेट किया गया था और सुरक्षा घेरे को भेदकर यह प्लांट के इतने करीब कैसे पहुंचने में कामयाब रहा.
अरब जगत का इकलौता एक्टिव न्यूक्लियर प्लांट
यह हमला सामरिक दृष्टिकोण से बेहद गंभीर है क्योंकि बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट यूएई की रीढ़ माना जाता है. दक्षिण कोरिया के तकनीकी सहयोग से लगभग 20 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत से तैयार यह प्लांट साल 2020 में पूरी तरह से ग्रिड से जुड़ा था. उल्लेखनीय है कि पूरे अरब प्रायद्वीप का यह पहला और एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जो संयुक्त अरब अमीरात की कुल बिजली और ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा अकेले पूरा करता है.