Jharkhand News: झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया के तहत सोमवार को नियुक्ति पत्र पाने वाले कई अभ्यर्थियों के लिए यह पल खुशी के साथ-साथ मायूसी भी लेकर आया. इनमें बड़ी संख्या ऐसे पारा शिक्षकों की है, जिनकी सेवानिवृत्ति में अब बहुत कम समय बचा है. कुछ शिक्षकों की सेवा अवधि छह माह, तो कुछ की एक वर्ष से भी कम शेष है.
राज्य सरकार ने सहायक आचार्य नियुक्ति में पारा शिक्षकों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए थे और उन्हें आयु सीमा में भी छूट दी गई थी. इसी वजह से लंबे समय से पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत कई शिक्षकों को सेवा के अंतिम चरण में सहायक आचार्य बनने का अवसर मिला.
हालांकि कई ऐसे शिक्षक भी नियुक्त हुए हैं, जिनकी सेवा अवधि अभी आठ से 12 वर्ष तक बची हुई है. वहीं कम समय के लिए नियुक्ति पाने वाले कुछ शिक्षकों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि सहायक आचार्य बनने का सपना तो पूरा हुआ, लेकिन अब यह मलाल भी है कि इस पद पर बहुत कम समय तक ही काम कर पाएंगे.
कुछ शिक्षकों ने यह भी कहा कि जिनकी सेवा केवल छह माह बची है, उन्हें नियमित वेतन और अन्य लाभ मिलने को लेकर भी संशय है. उनका कहना है कि कई बार पीएफ खाता खुलने और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने में ही महीनों लग जाते हैं.
नवनियुक्त शिक्षकों का मानना है कि यदि जेटेट और नियुक्ति परीक्षाएं समय पर आयोजित होतीं, तो उन्हें लंबे समय तक सहायक आचार्य के रूप में सेवा देने का अवसर मिलता. कई पारा शिक्षक वर्षों पहले जेटेट उत्तीर्ण कर चुके थे, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारण उन्हें अब जाकर मौका मिल पाया है.