Kolhan University: कोल्हान विश्वविद्यालय ने परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब उत्तर पुस्तिकाओं को घर ले जाकर जांचने की पुरानी प्रणाली समाप्त कर केंद्रीयकृत मूल्यांकन व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है. इसके तहत सभी कॉपियों की जांच तय मूल्यांकन केंद्रों पर ही की जाएगी.
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष परिस्थितियों में शिक्षकों को घर पर कॉपियां जांचने की अनुमति दी गई थी. हालांकि महामारी समाप्त होने के बाद भी यह व्यवस्था जारी थी, जिससे मूल्यांकन की निष्पक्षता और गोपनीयता को लेकर सवाल उठ रहे थे.
कुलानुशासक डॉ. राजेंद्र भारती ने बताया कि हाल में आयोजित बीएड सेमेस्टर-3 परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन नई प्रणाली के तहत किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक स्थायी कुलपति नहीं रहने के कारण इस सुधार को लागू करने में देरी हुई.
विश्वविद्यालय की नई कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता के पदभार संभालने के बाद अकादमिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार की प्रक्रिया तेज हुई है. परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने को प्राथमिकता दी जा रही है.
विश्वविद्यालय का मानना है कि केंद्रीकृत मूल्यांकन व्यवस्था लागू होने से परिणाम समय पर जारी करने में मदद मिलेगी और मूल्यांकन में गड़बड़ी या कॉपियों से छेड़छाड़ जैसी आशंकाओं पर भी रोक लगेगी. आने वाले समय में अन्य परीक्षाओं में भी इसी व्यवस्था को लागू किया जाएगा.