Seraikela: सरायकेला-खरसावां समाहरणालय सभागार में शनिवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में अवैध खनन, खनिज परिवहन, राजस्व संरक्षण और बालू घाट संचालन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए नियमित संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
विशेष अभियान में 14 वाहन और 8 हजार CFT बालू जब्त
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर शतपथी ने बताया कि 23 अप्रैल से 20 मई तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 14 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें एक हाईवा, 12 ट्रैक्टर और एक टाटा 407 वाहन शामिल हैं। इसके अलावा करीब 8 हजार CFT बालू भी जब्त किया गया। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी है।
बिना अनुमति खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में बिना वैध अनुमति के किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को खनन निरीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ समन्वय बनाकर नियमित जांच और संयुक्त कार्रवाई करने को कहा। साथ ही जिले के सभी ईंट भट्टों, क्रशर इकाइयों और खनिज भंडारण स्थलों की मैपिंग और भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। तय सीमा से अधिक खनिज भंडारण मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
दलमा समेत संवेदनशील इलाकों में संयुक्त निरीक्षण
बैठक में दलमा क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों में बालू और पत्थर के अवैध उत्खनन की शिकायतों पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने टास्क फोर्स के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
पश्चिम बंगाल चालान वाले वाहनों की होगी जांच
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कई वाहन पश्चिम बंगाल के चालान के आधार पर खनिज परिवहन कर रहे हैं। उपायुक्त ने अंचल अधिकारियों, थाना प्रभारियों और खनन निरीक्षकों को ऐसे वाहनों की सघन जांच कर परिवहन की वैधता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि राजस्व का नुकसान न हो। पाटा टोल प्लाजा समेत संवेदनशील स्थानों पर औचक निरीक्षण और सीसीटीवी फुटेज की जांच के निर्देश भी दिए गए।
ओवरलोड और बिना ढके वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश
पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि क्षमता से अधिक भार लेकर बिना ढके बालू, डस्ट, पत्थर, ईंट और कोयला परिवहन करने से प्रदूषण बढ़ता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने परिवहन विभाग और थाना प्रभारियों को नियमित जांच अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने को कहा।
बंद खदानों और अवैध ईंट भट्टों की होगी निगरानी
एसपी ने बंद खदानों और बंद औद्योगिक इकाइयों का संयुक्त निरीक्षण कराने का निर्देश दिया, ताकि वहां किसी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो सके। वहीं प्रदूषण नियंत्रण विभाग को ईंट भट्टों का औचक निरीक्षण कर पर्यावरण मानकों की जांच करने और उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने को कहा गया।
10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से बालू उत्खनन रहेगा बंद
बैठक में बताया गया कि एनजीटी के निर्देशानुसार 10 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक नदी से बालू उत्खनन पर रोक रहेगी। इस अवधि के दौरान अवैध उत्खनन रोकने और बाजार में तय दर पर बालू उपलब्ध कराने के लिए सभी वैध भंडारणकर्ताओं को पहले से पर्याप्त मात्रा में बालू स्टॉक करने के निर्देश दिए गए।
कई अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल विकास कुमार राय, जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर शतपथी, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला और चांडिल, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के पदाधिकारी समेत सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।