Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में ट्रैफिक विभाग की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है जिसे देखकर कोई भी सिर पकड़ ले। यहां सदर थाना क्षेत्र के निवासी चंद्र प्रकाश रावत के घर जब ट्रैफिक पुलिस का चालान पहुंचा, तो उसे देखकर पूरा परिवार हैरान रह गया। विभाग ने चंद्र प्रकाश की चार पहिया ओमनी वैन (Omni Van) के नंबर पर बिना हेलमेट गाड़ी चलाने का जुर्माना ठोक दिया है। सबसे मजेदार और चौंकाने वाली बात यह है कि चालान में सबूत के तौर पर जो तस्वीर लगाई गई है, वह वैन की नहीं बल्कि एक बाइक की है, जिसका चालक बिना हेलमेट के फर्राटा भर रहा है।
तकनीकी चूक या शातिर फर्जीवाड़ा? उठ रहे हैं बड़े सवाल
यह अजीबोगरीब मामला जितना हैरान करने वाला है, उतना ही गंभीर भी है। चालान में दिख रही बाइक पर जो नंबर प्लेट लगी है, उस पर हूबहू चंद्र प्रकाश की ओमनी वैन का नंबर दर्ज है। इससे यह साफ अंदेशा जताया जा रहा है कि शहर में कोई शातिर गिरोह या वाहन चालक दूसरों की गाड़ियों के नंबर का अवैध इस्तेमाल कर धड़ल्ले से घूम रहा है। इस तरह के फर्जीवाड़े से जहाँ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं आम और निर्दोष नागरिकों को बिना किसी गलती के मानसिक प्रताड़ना और कानूनी पचड़ों में फंसना पड़ रहा है।
अब भुगतें आम जनता, चालान रद्द कराने के लिए चक्कर काटने की मजबूरी
इस बड़ी गड़बड़ी के बाद पीड़ित चंद्र प्रकाश रावत ने जब ट्रैफिक विभाग से गुहार लगाई, तो उन्हें राहत मिलने के बजाय कागजी प्रक्रिया में उलझा दिया गया। विभाग ने उन्हें अपनी गलती सुधारने के लिए एक लिखित आवेदन जमा करने को कहा है। अधिकारियों का आश्वासन है कि आवेदन मिलने और जांच पूरी होने के बाद इस गलत चालान को रद्द (Cancel) कर दिया जाएगा। लेकिन सवाल यह उठता है कि सिस्टम की इस लापरवाही और सड़कों पर घूम रहे फर्जी नंबर प्लेट वाले असली गुनहगारों की सजा एक आम नागरिक अपने समय और सुकून को गंवाकर क्यों भुगते?