Jharkhand Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट के फैसलों में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, नई स्वास्थ्य योजनाओं की स्वीकृति, पशुधन विकास और प्रशासनिक पुनर्गठन जैसे कई अहम निर्णय शामिल रहे.
राज्य कर्मियों और पेंशनधारियों को राहत
कैबिनेट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही पेंशनधारियों के महंगाई राहत भत्ते में भी बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया. सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों को लाभ मिलेगा.
स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं पर जोर
बैठक में बहुचिकित्सा प्रणाली पर आधारित “अबुवा दवाखाना” योजना को भी मंजूरी दी गई. इसके अलावा गंभीर रूप से बीमार दिव्यांग कलाकारों को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली. सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अनुदान मद में 30 करोड़ रुपये जारी करने का फैसला लिया है.
प्रशासनिक और न्यायिक ढांचे में बदलाव
कैबिनेट ने लोकभवन राज्यपाल सचिवालय के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए वहां कर्मियों की संख्या 193 करने का निर्णय लिया. वहीं झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीशों को मिलने वाली सुविधाओं में भी वृद्धि का फैसला किया गया.
इन्फ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी परियोजनाओं को स्वीकृति
दुमका एयरपोर्ट से नियमित उड़ान संचालन को लेकर भारत सरकार के मौसम विभाग के साथ एमओयू करने की मंजूरी दी गई. इसके अलावा विभिन्न वेब पोर्टलों के संचालन के लिए एजेंसी चयन को भी हरी झंडी दी गई. खूंटी जिले के कर्रा क्षेत्र में रेलवे को जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली.
लोकायुक्त नियुक्ति और अन्य फैसलों पर मुहर
कैबिनेट ने अमिताभ गुप्ता को लोकायुक्त नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव को घटनोत्तर स्वीकृति दी. साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों से जुड़ी सूचना देने वालों के लिए पुरस्कार नीति लागू करने पर भी सहमति बनी.
व्यापार और कर व्यवस्था से जुड़ा फैसला
राज्य सरकार ने पेट्रोल, डीजल और मदिरा के खुदरा कारोबारियों को क्वार्टरली रिटर्न प्रणाली से बाहर करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा झारखंड भवन और न्यू झारखंड भवन के कमरों के किराए में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी गई.
सरकार ने बताया कि कैबिनेट के ये फैसले प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने, जनकल्याण योजनाओं को गति देने और विकास कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिए गए हैं.