Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड सह अंचल कार्यालय के बाहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कपाली नगर परिषद के उपाध्यक्ष मोहम्मद शाबान उर्फ सिंटू अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने पंजी टू मामले में भ्रष्टाचार और बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
धरना प्रदर्शन के दौरान “भ्रष्टाचार बंद करो”, “पंजी टू घोटाले की जांच करो” और “रिपोर्ट सार्वजनिक करो” जैसे नारों से अंचल कार्यालय परिसर गूंज उठा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद शाबान उर्फ सिंटू ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े पंजी टू मामले में गलत तरीके से नाम दर्ज कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों से संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट और दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। सिंटू ने कहा कि यदि प्रशासन के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में बड़े स्तर पर गबन हुआ है और निष्पक्ष जांच होने पर कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
भाजपा शासनकाल में 300 करोड़ के गबन का आरोप
मोहम्मद शाबान उर्फ सिंटू ने वर्ष 2015, 2016 और 2017 के दौरान भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब 300 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। धरने में शामिल समर्थकों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई और रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान अंचल कार्यालय परिसर में काफी देर तक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अंचल अधिकारी को सौंपा आवेदन
धरना प्रदर्शन के दौरान मोहम्मद शाबान उर्फ सिंटू ने पंजी टू मामले की निष्पक्ष जांच, रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर चांडिल अंचल अधिकारी प्रदीप कुमार महतो को एक आवेदन भी सौंपा। इस मामले पर अंचल अधिकारी प्रदीप कुमार महतो ने कहा कि मामले से संबंधित दस्तावेजों और तथ्यों की जांच की जा रही है। नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी और प्रशासन पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल पंजी टू मामले को लेकर चांडिल में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच रिपोर्ट कब तक सार्वजनिक होती है।