आइसा के नेतृत्व में कई छात्र और सामाजिक संगठन होंगे शामिल
जानकारी के अनुसार इस आंदोलन का नेतृत्व आइसा यानी ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से किया जा रहा है. इसके साथ आरवाईए समेत कई छात्र, युवा और सामाजिक संगठन भी प्रदर्शन में भाग लेंगे. संगठनों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार लगातार चुप्पी साधे हुए है, जिसके कारण छात्रों और युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
राज्य के कई जिलों में सड़क जाम कर दर्ज कराया जाएगा विरोध
आंदोलन के तहत झारखंड के कई जिलों में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. इसका असर राजधानी रांची समेत गिरिडीह, धनबाद, रामगढ़, बोकारो, पलामू, गढ़वा, लातेहार, हजारीबाग, जामताड़ा, देवघर, चतरा और जमशेदपुर में देखने को मिल सकता है. प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्रों और युवाओं के अधिकारों को लेकर किया जा रहा है और सरकार पर दबाव बनाने के लिए व्यापक स्तर पर चक्का जाम आयोजित किया जाएगा.
रांची में अल्बर्ट एक्का चौक पर होगा मुख्य प्रदर्शन
राजधानी रांची में चक्का जाम का मुख्य कार्यक्रम सुबह 11 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर आयोजित किया जाएगा. यहां बड़ी संख्या में छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है. प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बढ़ रही नाराजगी
छात्र संगठनों का कहना है कि क्लस्टर सिस्टम लागू होने से छात्रों की पढ़ाई और कॉलेज व्यवस्था प्रभावित हो रही है. वहीं नेट पेपर लीक मामले और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है. संगठनों ने मांग की है कि सरकार इन मामलों में पारदर्शी कार्रवाई करे और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता दिखाए.
29 मई को होने वाला यह राजव्यापी चक्का जाम झारखंड में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ते असंतोष की बड़ी तस्वीर पेश कर रहा है. अब सभी की नजर सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है कि छात्र संगठनों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं.