Jamshedpur News: जमशेदपुर के साकची स्थित बिरसा चौक में गुरुवार को समस्त आदिवासी Society की ओर से जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी का पुतला दहन कर नाराजगी जताई गई। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने नारेबाजी करते हुए आदिवासी पहचान के सम्मान की मांग उठाई।
“वनवासी” शब्द पर जताया कड़ा विरोध
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि 24 मई 2026 को दिल्ली में आयोजित जनजाति संस्कृति समागम कार्यक्रम में आदिवासियों को “हिन्दू” और “वनवासी” कहे जाने से समाज आहत है। आदिवासी संगठनों का कहना है कि उनकी अपनी अलग संस्कृति, परंपरा, भाषा और धार्मिक आस्था है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सरना धर्म कोड को लेकर उठी आवाज
आदिवासी समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस द्वारा सरना धर्म कोड की मांग को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आदिवासी पहचान और संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
नारों से गूंजा बिरसा चौक
विरोध प्रदर्शन के दौरान “हम आदिवासी हैं, वनवासी नहीं” और “सरना धर्म, आदिवासी पहचान और संस्कृति का सम्मान करो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। कार्यक्रम में मांझी परगाना महाल के दुर्गा चरण मुर्मू, दिनकर कच्छप, बानरा समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।