Jharkhand Unmapped Voters: झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष पहल शुरू की है. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जानकारी दी है कि सभी मतदान केंद्रों पर अनमैप्ड मतदाताओं की सूची प्रकाशित कर दी गई है. इसके साथ ही यह सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को पेनड्राइव के माध्यम से भी उपलब्ध कराई गई है.
मतदान केंद्रों पर उपलब्ध है अनमैप्ड मतदाताओं की सूची
निर्वाचन विभाग के अनुसार 23 मई से राज्य के सभी बूथों पर अनमैप्ड मतदाताओं की सूची सार्वजनिक रूप से रखी गई है. मतदाता अपने नाम की जांच कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ के माध्यम से अपनी मैपिंग प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं.
30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
निर्वाचन आयोग ने बताया कि 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे. यह प्रक्रिया मैप्ड और अनमैप्ड दोनों श्रेणी के मतदाताओं के लिए लागू होगी. मतदाताओं को केवल अपने विवरण की पुष्टि करनी होगी, फोटो चिपकाकर हस्ताक्षर करने होंगे और फॉर्म वापस जमा करना होगा.
समय पर फॉर्म जमा करने पर सूची में बना रहेगा नाम
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो मतदाता तय समय के भीतर फॉर्म जमा कर देंगे, उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल रहेगा. इसलिए मतदाताओं से समय पर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
अनमैप्ड मतदाताओं को देने होंगे जरूरी दस्तावेज
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सामान्य रूप से मैप्ड मतदाताओं को अतिरिक्त दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि जिन मतदाताओं की स्थिति अनमैप्ड है, उन्हें निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी यानी ईआरओ से नोटिस मिलने के बाद जन्म तिथि और पारिवारिक विवरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.
पारदर्शी और त्रुटिरहित सूची तैयार करने पर जोर
निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया मतदाता सूची को त्रुटिरहित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से की जा रही है. इससे फर्जी या दोहराव वाले नामों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी और चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा.