Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-30

Jharkhand News: झारखंड में होगी हाई लेवल समीक्षा बैठक, नक्सल सरेंडर नीति से लेकर जनता की शिकायतों तक कई अहम मुद्दों पर होगा मंथन

Jharkhand News: झारखंड सरकार राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा कानून व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने जा रही है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बुलाई जा रही यह बैठक पहले 29 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब बैठक नए सिरे से आयोजित की जाएगी, जिसमें शासन और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों में लंबित मामलों की स्थिति का आकलन करना, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम तय करना है। खास तौर पर सुरक्षा, न्यायिक प्रक्रिया, जन शिकायतों और नशामुक्ति अभियान जैसे विषय बैठक के केंद्र में रहेंगे।

निजी सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े लंबित मामलों पर रहेगी नजर
बैठक में सबसे पहले प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसीज रेगुलेशन एक्ट यानी PSARA से जुड़े मामलों की समीक्षा की जाएगी। राज्य में निजी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दिए गए विभिन्न आवेदनों और लंबित प्रक्रियाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा होगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इन मामलों के निष्पादन में कहां अड़चनें हैं और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

नक्सल सरेंडर पॉलिसी के क्रियान्वयन का लिया जाएगा जायजा
बैठक का एक महत्वपूर्ण एजेंडा नक्सल सरेंडर पॉलिसी भी है। सरकार आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को दिए जाने वाले लाभ, पुनर्वास सुविधाओं और अन्य सरकारी सहायता योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करेगी। इसके जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि नीति का लाभ पात्र लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है और इसमें सुधार की क्या संभावनाएं हैं।

लंबित अभियोजन स्वीकृति मामलों पर होगी चर्चा
विभिन्न मामलों में अभियोजन स्वीकृति से जुड़ी फाइलों के लंबित रहने के कारण कई बार कानूनी प्रक्रिया प्रभावित होती है। ऐसे मामलों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि आवश्यक स्वीकृतियों में तेजी लाई जा सके और न्यायिक कार्रवाई बिना अनावश्यक देरी के आगे बढ़ सके।

विधानसभा में किए गए आश्वासनों की प्रगति रिपोर्ट पर फोकस
राज्य विधानसभा में सरकार द्वारा समय समय पर दिए गए आश्वासनों की वर्तमान स्थिति भी बैठक में चर्चा का विषय रहेगी। विभागों से यह जानकारी ली जाएगी कि घोषित आश्वासनों पर कितना काम हुआ है और कौन से मामले अभी लंबित हैं। सरकार इन लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दे सकती है।

एंटी ड्रग एब्यूज अभियान की रणनीति होगी मजबूत
राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे एंटी ड्रग एब्यूज अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। बैठक में इस बात पर विचार होगा कि युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए चल रहे अभियान कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं। साथ ही भविष्य की रणनीति और जागरूकता कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।

जनता की लंबित शिकायतों के निपटारे की होगी समीक्षा
सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवेंस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत दर्ज शिकायतों की स्थिति भी बैठक में रखी जाएगी। सरकार यह जानने का प्रयास करेगी कि आम नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का निवारण कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से हो रहा है। जिन मामलों में देरी हो रही है, उन्हें जल्द निपटाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जा सकते हैं।


कोर्ट में लंबित मामलों की स्थिति पर होगी विशेष चर्चा
राज्य सरकार और विभिन्न विभागों से जुड़े न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है। इन मामलों की वर्तमान स्थिति, सुनवाई की प्रगति और उनके शीघ्र निष्पादन के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की जाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि विभागीय स्तर पर लंबित कानूनी मामलों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम
यह बैठक केवल विभागीय समीक्षा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसका सीधा संबंध आम लोगों से जुड़े मुद्दों के समाधान से भी है। सरकार चाहती है कि लंबित फाइलों, जन शिकायतों, न्यायिक मामलों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आए। यही वजह है कि इस बैठक को प्रशासनिक सुधार और बेहतर सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !