वापसी को लेकर पहले से बनी हुई थी चर्चा
ट्रायल्स शुरू होने से पहले विनेश फोगाट की वापसी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई थी. सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्हें चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति मिली थी. लंबे समय बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी कर रहीं विनेश से खेल प्रेमियों और समर्थकों को काफी उम्मीदें थीं.
पहले दौर में दिखाया दमदार प्रदर्शन
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ट्रायल्स में विनेश ने शानदार शुरुआत की. पहले मुकाबले में उन्होंने हरियाणा की ज्योति को 7-1 से हराकर अपने इरादे साफ कर दिए.
इसके बाद उनका सामना निशु से हुआ. यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और 6-6 की बराबरी पर समाप्त हुआ. हालांकि तकनीकी मानदंडों के आधार पर विनेश को विजेता घोषित किया गया. इस फैसले को लेकर कुछ विवाद भी देखने को मिला. निशु के कोच ने रेफरी के निर्णय को चुनौती दी, लेकिन उनकी अपील स्वीकार नहीं की गई. मुकाबले के बाद निशु काफी निराश दिखाई दीं और कुछ समय तक मैट पर ही बैठी रहीं.
स्टेडियम में एंट्री से लेकर वजन वर्ग तक रहा विवाद
चयन ट्रायल्स के दिन कई विवाद भी सामने आए. स्टेडियम में प्रवेश के दौरान Vinesh Phogat और उनके पति Somvir Rathi की एंट्री को लेकर सुरक्षा कर्मियों के साथ बहस की स्थिति बन गई थी. हालांकि बाद में मामला सुलझा लिया गया.
इसके अलावा वजन मापने की प्रक्रिया के दौरान भी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई. शुरुआत में विनेश का नाम 50 किलोग्राम वर्ग में दर्ज कर लिया गया था, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई. बाद में Wrestling Federation of India के हस्तक्षेप के बाद उनका नाम 53 किलोग्राम भारवर्ग में शामिल किया गया और उन्हें ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति मिली.
कोर्ट से राहत मिली, लेकिन नहीं मिला एशियन गेम्स का टिकट
ट्रायल्स से पहले Wrestling Federation of India ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विनेश की भागीदारी पर रोक लगाने की मांग की थी. हालांकि अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद उनके लिए चयन ट्रायल्स का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया. इसके बावजूद वह अंतिम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकीं. सेमीफाइनल में मिनाक्षी गोयत के खिलाफ मिली हार के साथ Asian Games 2026 में जगह बनाने की उनकी उम्मीद भी खत्म हो गई.