Jharkhand News: झारखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की मॉनिटरिंग को पूरी तरह हाईटेक बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. राज्य स्वास्थ्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत 10.36 करोड़ रूपए के बजट को हरी झंडी दे दी है. यह राशि नई दिल्ली स्थित नेशनल इन्फॉरमैटिक्स सेंटर सर्विसेज इन्कॉर्पोरेटेड (NICSI) को कंसल्टेंसी फीस (परामर्शी शुल्क) के तौर पर दी जाएगी. एनआईसीएसआई जिला स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन कर राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं को डिजिटल मजबूती देगी.
योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने का मास्टरप्लान
इस पूरी कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान 15वें वित्त आयोग से मिले अनुदान और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू करना है. राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़े नियम भी तय किए हैं. आदेश के मुताबिक, इस नए फंड की निकासी तभी संभव हो पाएगी, जब विभाग वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट) जमा कर देगा.
योजनाओं की होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
अक्सर देखा जाता है कि बजट मंजूर होने के बाद भी धरातल पर अस्पताल भवनों के निर्माण या चिकित्सा उपकरणों की खरीद में लंबा वक्त लग जाता है. अब जिला स्तर पर बनने वाली पीएमयू (PMU) इन सभी योजनाओं की कड़ाई से रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगी. इससे 15वें वित्त आयोग और आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत मिलने वाले पैसों का सही समय पर और सही जगह इस्तेमाल सुनिश्चित हो सकेगा.
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की सुधरेगी सूरत
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के जरिए राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स को अपग्रेड किया जा रहा है. इस तकनीकी सहयोग की मदद से सुदूर गांवों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच (डायग्नोस्टिक) सेवाएं और बुनियादी ढांचा मजबूत होगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गांव के गरीब मरीजों को छोटे-छोटे इलाज या जांच के लिए शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा.
डिजिटल हेल्थ और टेलीमेडिसिन पर फोकस
एनआईसीएसआई के तकनीकी सपोर्ट से झारखंड का अपना एक मजबूत हेल्थ डेटाबेस तैयार होगा. इसके जरिए अस्पतालों में मरीजों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार और मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने में बड़ी मदद मिलेगी.
वित्तीय पारदर्शिता से रुकेगी फंड की बर्बादी
इस पूरी परियोजना के तहत गठित होने वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का एक मुख्य जिम्मा यह भी होगा कि वह केंद्र और राज्य सरकार से स्वास्थ्य सेक्टर के लिए मिलने वाली राशि पर नजर रखे. यूनिट यह सुनिश्चित करेगी कि विकास कार्यों के लिए जारी हुआ फंड लैप्स (व्यर्थ) न हो और उसका शत-प्रतिशत सही उपयोग जनहित में किया जा सके.