Jamshedpur News: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल पर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की घोर लापरवाही का आरोप लगा है. परिजनों के मुताबिक, सुबह 6 बजे मरीज को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां दोपहर 1 बजे तक उसे बिना किसी बड़े इलाज के रखा गया. मरीज के भाई आशीष ने बताया कि उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं थी और वे अपने भाई के बेहतर इलाज के लिए उसे टीएमएच (TMH) ले जाने को पूरी तरह तैयार थे. लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने समय रहते मरीज को रेफर नहीं किया और केवल प्राथमिक मरहम-पट्टी कर मामले को टालते रहे.
डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि दोपहर बाद जब मरीज की स्थिति अचानक ज्यादा बिगड़ने लगी, तब जाकर उसे आनन-फानन में टीएमएच ले जाने को कहा गया. मरीज को जब टेंपो के माध्यम से टीएमएच पहुंचाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के भाई ने अस्पताल के कम उम्र और अप्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी संवेदनहीनता और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एक हंसते-खेलते इंसान की जान चली गई, जो कुछ घंटे पहले तक पूरी तरह स्वस्थ था और घर पर खाना खाकर आया था.
पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग
इस दुखद घटना के बाद से मृतक के परिवार और उनके दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की पत्नी और परिजनों ने इस पूरी घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की इस प्रशासनिक और चिकित्सीय लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में किसी अन्य मरीज को अपनी जान न गंवानी पड़े.