Jharkhand News: झारखंड हाई कोर्ट ने बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) के पूर्व अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज हत्या से संबंधित प्राथमिकी को रद्द कर दिया है. न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने इस मामले में दाखिल आपराधिक रिट याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया.
पांच अधिकारियों को मिली राहत
मामले में बीएसएल के तत्कालीन डायरेक्टर इंचार्ज वीरेंद्र कुमार तिवारी, तत्कालीन जनरल मैनेजर हरिमोहन झा, तत्कालीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजश्री बनर्जी, तत्कालीन जीएम आलोक चावला और आईआर विभाग के प्रभाकर कुमार ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
सुनवाई के बाद अदालत ने बोकारो स्टील सिटी थाना में दर्ज कांड संख्या-64/2025 को रद्द करने का आदेश दिया और याचिकाकर्ताओं को राहत प्रदान की.
धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई थी घटना
यह मामला वर्ष 2025 में बोकारो विस्थापित अप्रेंटिस संघ के धरना-प्रदर्शन से जुड़ा है. प्रशासनिक भवन के सामने चल रहे प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी. इस दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी हुई थीं.
प्रदर्शनकारियों और सीआईएसएफ जवानों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. इसके बाद मृतक के परिजनों ने बीएसएल के अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
अन्य मामले अब भी लंबित
इस पूरे घटनाक्रम में केवल बीएसएल अधिकारियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं. सीईओ बोकारो और बीएसएल की ओर से दर्ज मामले अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में विचाराधीन हैं.
हाई कोर्ट के ताजा फैसले से बीएसएल के पूर्व अधिकारियों को कानूनी राहत मिली है, हालांकि घटना से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई अभी जारी है.