Jharkhand News: झारखंड पुलिस के स्निफर डॉग्स अब सुरक्षा व्यवस्था और अपराध अनुसंधान का अहम हिस्सा बन चुके हैं. सीआईडी मुख्यालय के डॉग स्क्वायड में तैनात 39 प्रशिक्षित श्वान अपनी विशेष क्षमता के जरिए पुलिस को कई चुनौतीपूर्ण मामलों में मदद कर रहे हैं.
इन खोजी कुत्तों को विस्फोटक, नशीले पदार्थ और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. घटनास्थल से मिले छोटे-छोटे सुरागों और गंध के आधार पर ये जांच की दिशा तय करने में पुलिस की सहायता करते हैं.
अलग-अलग जिलों में तैनात हैं प्रशिक्षित श्वान
सीआईडी मुख्यालय के डॉग स्क्वायड में लैब्राडोर और बेल्जियन ब्रीड के श्वान शामिल हैं. इनमें कैटरीना, केदार और माला को नार्कोटिक्स डॉग के रूप में तैनात किया गया है.
होटवार मुख्यालय में हैनी, किट्टी, डेल्टा, डिंपी और हिमू भी सुरक्षा जिम्मेदारी निभा रहे हैं. वहीं पुलिस केंद्र रांची में डोरी, चिन्ना, मारेया, हांटी, मोना और दिया तैनात हैं.
इसके अलावा एलेक्स और बनी बोकारो, बाबू और लियो जमशेदपुर एयरपोर्ट, मान्या चाईबासा तथा इला, विक, बारु और सैंडी दुमका में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
अपराध नियंत्रण से लेकर VIP सुरक्षा तक में भूमिका
प्रशिक्षित हैंडलर्स के साथ काम करने वाले ये श्वान भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध वस्तुओं या व्यक्तियों की पहचान करने में सक्षम हैं.
आतंकी गतिविधियों, संगठित अपराध और सुरक्षा से जुड़े मामलों में डॉग स्क्वायड पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित हो रहा है. बड़े आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट और विशेष जांच अभियानों के दौरान भी इनकी मदद ली जाती है.
सीआईडी का यह डॉग स्क्वायड आधुनिक पुलिसिंग का अहम हिस्सा बन गया है. अपराध की जांच में सुराग जुटाने से लेकर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तक इनकी भूमिका लगातार बढ़ रही है.