रांची: आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने और त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को विस्थापित भवन में ट्रैफिक पुलिस जवानों एवं होमगार्ड कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान हार्ट अटैक सहित विभिन्न स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी गई।
सीपीआर, बीएलएस और प्राथमिक उपचार की दी गई ट्रेनिंग
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार ने जवानों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन), बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) तथा प्राथमिक उपचार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक, बेहोशी, सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी परिस्थितियों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और सही समय पर दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को व्यावहारिक रूप से भी जीवन रक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया। उन्हें बताया गया कि किसी आपात स्थिति में किस प्रकार त्वरित प्रतिक्रिया देनी है और घायल या बीमार व्यक्ति को प्राथमिक सहायता कैसे उपलब्ध करानी है।
दुर्घटना स्थलों पर सबसे पहले पहुंचते हैं ट्रैफिक जवान
अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं या अन्य आपात घटनाओं के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी अक्सर सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचते हैं। ऐसे में सीपीआर और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण उन्हें जरूरतमंद लोगों की जान बचाने में अधिक सक्षम बनाएगा। शिविर के समापन पर ट्रैफिक पुलिस जवानों और होमगार्ड कर्मियों ने सीखे गए जीवन रक्षक उपायों का अभ्यास किया तथा आपात परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।