Surat: गुजरात के सूरत शहर से रविवार को एक दर्दनाक औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है। वराछा इलाके में स्थित एक ज्वेलरी निर्माण इकाई में ETP (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) टैंक की सफाई के दौरान चार श्रमिकों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैस की वजह से मजदूरों का दम घुट गया, जिससे वे बेहोश होकर अंदर ही गिर पड़े।
सफाई कार्य के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, शुगर मार्केट के पास संचालित ज्वेलरी यूनिट में रविवार सुबह ETP टैंक की सफाई का काम किया जा रहा था। इस दौरान एक सुपरवाइजर समेत चार कर्मचारी टैंक के भीतर उतरे थे। आशंका है कि अंदर जमा विषैली गैस के संपर्क में आते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन ने राहत एवं बचाव दल को जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फायर विभाग को शुरुआती सूचना मिली थी कि टैंक में एक व्यक्ति फंसा हुआ है। सुबह करीब 10:22 बजे सूचना मिलने के बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। जब बचाव अभियान शुरू किया गया तो पता चला कि टैंक के भीतर चार लोग मौजूद हैं। सभी को बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास किए गए और बाद में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
रेस्क्यू के बाद चारों श्रमिकों को एम्बुलेंस की मदद से SMIMER अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों और सहकर्मियों में शोक का माहौल छा गया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सफाई कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, मौके पर गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम या अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं मिले। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए गए थे या नहीं।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि संबंधित फैक्ट्री में गहनों की सफाई और प्रोसेसिंग का काम होता है तथा ETP टैंक की नियमित सफाई की जाती है। फिलहाल दुर्घटना में मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिस टैंक में हादसा हुआ उसमें औद्योगिक अपशिष्ट और रासायनिक अवशेष जमा रहते हैं। ऐसे स्थानों पर कार्य करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
औद्योगिक सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद टैंक, सीवर और ETP जैसी जगहों पर काम शुरू करने से पहले गैस की जांच, ऑक्सीजन स्तर की निगरानी और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।