Jharkhand: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चल रही नामांकन की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। परचा भरने के आखिरी दिन तक कुल तीन उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि, इस चुनाव के लिए सात लोगों ने नामांकन फॉर्म खरीदे थे, लेकिन उनमें से चार लोगों ने अपना परचा जमा नहीं किया। इसके साथ ही अब यह साफ हो गया है कि राज्यसभा की रेस में कौन-कौन शामिल है।
इन तीन चेहरों के बीच फंसा मुकाबला
अब इस चुनावी मुकाबले में मुख्य रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस की तरफ से प्रणव झा और बीजेपी के समर्थन से खड़े निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के बीच टक्कर होगी। नामांकन के दौरान विधानसभा परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही तरफ के नेताओं की भारी चहल-पहल देखने को मिली।
मुख्यमंत्री और बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में भरा परचा
जेएमएम के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा ने जब अपना नामांकन पत्र जमा किया, तब वहां खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन और गठबंधन सरकार के कई बड़े चेहरे मौजूद थे। वहीं दूसरी तरफ, निर्दलीय चुनाव लड़ रहे परिमल नथवानी ने बीजेपी के विधायकों के साथ पहुंचकर अपना परचा दाखिल किया।
बीजेपी ने क्यों नहीं उतारा अपना प्रत्याशी?
इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पार्टी का रुख साफ किया है। उन्होंने बताया कि इस बार बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना कोई आधिकारिक उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है। पार्टी साफ-सुथरी राजनीति को बढ़ावा देने के लिए निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी की मदद कर रही है। साहू का कहना है कि विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या को देखते हुए अगर बीजेपी अपना उम्मीदवार खड़ी करती, तो राजनीतिक उलझन पैदा हो सकती थी। अब नामांकन की प्रक्रिया खत्म होने के बाद सभी दलों का पूरा ध्यान आगे की वोटिंग और नतीजों पर लग गया है।