Adityapur: नगर निगम द्वारा शुक्रवार को आदित्यपुर के वार्ड संख्या-17 स्थित प्रभात पार्क के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय दुकानदारों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस के कारण कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर नगर निगम के अधिकारियों के साथ पुलिस बल भी तैनात रहा। सुबह नगर निगम की टीम जेसीबी मशीन और पुलिस बल के साथ प्रभात पार्क के समीप पहुंची। अभियान के दौरान सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों और अस्थायी दुकानों को हटाया गया। कार्रवाई को देखते हुए कई दुकानदारों ने पहले ही अपना सामान समेट लिया, जबकि कई संरचनाओं को जेसीबी से हटाया गया।
दुकानदारों ने लगाया पक्षपात का आरोप
कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों ने नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चयनित दुकानों पर ही कार्रवाई की गई, जबकि अन्य जगहों पर बने अतिक्रमण को नहीं हटाया गया। प्रभावित लोगों ने अपनी रोजी-रोटी पर संकट आने की बात कहते हुए प्रशासन से पुनर्विचार की मांग की। अभियान के दौरान पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति गर्मा गई। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर माहौल को शांत कराया और अभियान को आगे बढ़ाया।
निगम ने बताया नियमों के तहत हुई कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि संबंधित दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय बीतने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर नियमानुसार अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अभियान के बाद प्रभात पार्क और आसपास के इलाकों में पूरे दिन इस कार्रवाई को लेकर चर्चा होती रही। एक ओर प्रभावित दुकानदारों में नाराजगी देखने को मिली, वहीं प्रशासन ने दोहराया कि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना उसकी प्राथमिकता है और इस दिशा में आगे भी सख्ती बरती जाएगी।