Birsa Munda Airport: रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विमानों को बर्ड हिट से बचाने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने नगर निगम को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में एयरपोर्ट के 10 किमी के दायरे में खुले में चलने वाली मांस-मछली की दुकानों को बंद कराने का आग्रह किया गया है। साथ ही आसपास के विभिन्न मुहल्लों में बड़े-बड़े नाले और डोरंडा के दर्जी मुहल्ला में कठपुल में बहते गंदे पानी को पूरी तरह से ढकने को भी कहा गया है।
मांस-मछली के अवशेष और नाले में भोजन की तलाश में पक्षी मंडराते रहते हैं, जिससे बर्ड हिट की आशंका हमेशा बनी रहती है। हाल ही में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भर रहे इंडिगो के पटना-रांची विमान से एक पक्षी टकरा गया था, लेकिन पायलट की सूझबूझ के कारण 165 यात्रियों की जान बच गई थी।
एयरपोर्ट निदेशक आरआर मौर्या ने कहा कि बर्ड हिट को लेकर प्रबंधन गंभीर है और अपने स्तर पर सभी तकनीक का उपयोग कर रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है ताकि एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के मंडराने से खतरा कम किया जा सके।
पक्षी रडार: यह रडार सिस्टम हवाई अड्डे के आसपास पक्षियों की गतिविधि का पता लगाते हैं और उन्हें ट्रैक करते हैं।
साउंड सिस्टम: पक्षियों को डराने के लिए जोर-जोर से आवाजें या पक्षियों के शिकारियों की आवाजें निकालते हैं।
घास की कटाई: हवाई अड्डे के अंदर घास को नियमित रूप से कटाई की जाती है क्योंकि यह पक्षियों के लिए भोजन का स्रोत होता है।
पटाखे फोड़ना: विमान के लैंडिंग और टेकऑफ के समय पक्षियों को भगाने के लिए पटाखे फोड़े जाते हैं।
शॉट गन: पक्षियों को भगाने के लिए शॉटगन का उपयोग किया जाता है।
रनवे मॉनिटरिंग: रनवे पर टेकऑफ और लैंडिंग के समय विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि पक्षी के टकराने की संभावना को कम किया जा सके।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर बर्ड हिट को रोकने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन की पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। एयरपोर्ट प्रबंधन अपने स्तर पर सभी तकनीक का उपयोग कर रहा है और नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। इससे विमानों की सुरक्षा में सुधार होगा और यात्रियों की जान बचाई जा सकेगी।