सोशल मीडिया पर मामला उठने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आयाNEWS 26 EXPOSED : अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस में पार्सल बुकिंग के दौरान कथित वजन गड़बड़ी और संभावित राजस्व नुकसान के मामले में रेलवे प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई न्यूज़ 26 के स्टिंग ऑपरेशन और उसके बाद प्रकाशित विशेष रिपोर्ट के सामने आने के बाद शुरू हुई है। मामले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उठाए जाने के बाद रेलवे के उच्च अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है।
न्यूज़ 26 की टीम ने अपनी पड़ताल के दौरान पार्सल बुकिंग प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों को उजागर किया था। जांच के दौरान ऐसे दस्तावेज और जानकारियां सामने आईं, जिनसे बुक किए गए पार्सल के वास्तविक वजन और रिकॉर्ड में दर्ज वजन के बीच अंतर होने की आशंका जताई गई। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो इससे रेलवे को राजस्व नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड को टैग कर उठाया गया मुद्दा
रिपोर्ट सामने आने के बाद न्यूज़ 26 ने पूरे मामले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रमुखता से उठाया। पोस्ट में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्रालय और रेलवे के संबंधित अधिकारियों को टैग कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन की ओर से तत्काल संज्ञान लिया गया और संबंधित विभागों को रिपोर्ट तलब की गई।
सूत्रों के अनुसार, रेलवे के वाणिज्य विभाग और अन्य संबंधित शाखाओं को पार्सल बुकिंग से जुड़े रिकॉर्ड, वजन रजिस्टर, रसीदों और अन्य दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं नियमों का उल्लंघन कर गलत वजन दर्ज तो नहीं किया गया था।
दस्तावेजों और रिकॉर्ड का हो रहा मिलान
जांच के तहत संबंधित अवधि की पार्सल बुकिंग प्रविष्टियों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच टीम बुकिंग प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मामले को उच्च स्तरीय जांच के लिए भी भेजा जा सकता है।
खोजी पत्रकारिता से खुला मामला, जवाबदेही पर उठे सवाल
न्यूज़ 26 की इस रिपोर्ट के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि यदि मीडिया द्वारा मामला नहीं उठाया जाता तो यह अनियमितता सामने नहीं आ पाती। ऐसे में जांच की दिशा और उसके निष्कर्षों पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे जैसी बड़ी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित ऑडिट और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। वहीं न्यूज़ 26 की इस पड़ताल को जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करने वाली महत्वपूर्ण पत्रकारिता के रूप में देखा जा रहा है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार, कार्रवाई पर रहेंगी निगाहें
फिलहाल रेलवे प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।