Ranchi News : कोयला आपूर्ति के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। कारोबारी अभिषेक कुमार ने बीआईटी मेसरा ओपी में शिकायत दर्ज कराते हुए तीन लोगों पर धोखाधड़ी, विश्वासघात और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2025 में कोयला आपूर्ति को लेकर एक व्यावसायिक समझौता हुआ था। समझौते के तहत आरोपियों ने तय समय सीमा के भीतर कोयला उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। इसी विश्वास में कारोबारी ने अलग-अलग तिथियों में आरटीजीएस के माध्यम से 29 लाख रुपये से अधिक की राशि संबंधित लोगों के खातों में हस्तांतरित की।
एडवांस राशि लेने के बाद नहीं की गई आपूर्ति, मौके पर नहीं मिला दिखाया गया कोयला स्टॉक
पीड़ित का आरोप है कि पूरी राशि प्राप्त करने के बावजूद आरोपियों ने न तो तय मात्रा में कोयले की आपूर्ति की और न ही अनुबंध की शर्तों का पालन किया। समय-समय पर संपर्क करने पर केवल आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन कोयला उपलब्ध नहीं कराया गया।
कारोबारी का कहना है कि भुगतान के बाद कई बार आपूर्ति की स्थिति जानने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार अलग-अलग कारण बताकर मामला टाल दिया गया। इससे उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिस कोयला स्टॉक को आधार बनाकर सौदा किया गया था, बाद में वह मौके पर मौजूद नहीं मिला। इससे पूरे लेन-देन पर संदेह गहरा गया। कारोबारी का दावा है कि जब उसने वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने का प्रयास किया, तब उसे पता चला कि कथित स्टॉक का कोई स्पष्ट अस्तित्व नहीं है।
इसके बाद उसने कई बार आरोपियों से एडवांस राशि लौटाने या कोयला उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग, पुलिस जुटी जांच में
पीड़ित ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसकी एडवांस राशि वापस दिलाई जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस कथित धोखाधड़ी से उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
बीआईटी मेसरा ओपी पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और दोनों पक्षों के बीच हुए समझौतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामला सामने आने के बाद व्यापारिक जगत में भी चर्चा शुरू हो गई है और कारोबारी लेन-देन में सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।