Jamtara News : जामताड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था और 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के सामने मृतक मोनू टुडू के परिजनों ने अपनी आपबीती सुनाई। शुरुआत में मंत्री मीडिया में आई खबरों को गलत बताते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास करते नजर आए, लेकिन मृतक के बेटे ने मंत्री के समक्ष पूरी घटना विस्तार से बताई। उसने कहा कि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके पिता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा और अस्पताल पहुंचाने में काफी देर हो गई।
परिजनों की बात सुनकर मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। मंत्री लगातार स्थानीय मुखिया से मामले को समझाने की बात कहते रहे, लेकिन मृतक के परिजनों ने वही तथ्य दोहराए जो उनके साथ घटित हुए थे। इससे वहां का माहौल गंभीर हो गया और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे।
ट्रैक्टर पर खटिया रखकर अस्पताल लाया गया मरीज, इलाज के दौरान हुई मौत
बताया जाता है कि गोपालपुर पंचायत के शहरबेड़ा गांव निवासी मोनू टुडू की तबीयत शुक्रवार शाम अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों ने शाम करीब 5 बजे से 108 एंबुलेंस सेवा पर लगातार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन पर केवल घंटी बजती रही और किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर पर खटिया रखकर मोनू टुडू को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बहस छिड़ गई। खासकर स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में एंबुलेंस सेवा की ऐसी स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। आखिरकार परिजनों की बात सुनने के बाद मंत्री ने भी स्वीकार किया कि 108 एंबुलेंस सेवा में गंभीर लापरवाही हुई है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “बहुत हो गया, अब 108 सेवा इस तरह नहीं चलेगी। इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।” घटना ने राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब लोगों की नजरें सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।