Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट में हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई. आरोपी प्रकाश कुमार सिन्हा और सौरव कुमार की याचिका पर न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने मामले की जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने ACB से मामले में शामिल अन्य सह-अभियुक्तों को लेकर पारित आदेशों की जानकारी भी मांगी है. इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रथम दृष्टया टिप्पणी करते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि याचिकाकर्ता केवल संपत्ति खरीदार की भूमिका में हैं. अब इस मामले में अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी.
सरकारी जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा है मामला
यह मामला हजारीबाग में 28 डिसमिल गैरमजरुआ खास जंगल-झाड़ जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा है. आरोप है कि सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से इस जमीन का गलत तरीके से म्यूटेशन भी कराया गया.
मामले में ACB हजारीबाग थाना में कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया गया है. इस केस में IAS विनय चौबे, नेक्सजेन के संचालक विनय कुमार सिंह और उनकी पत्नी समेत कई अन्य लोग आरोपी बनाए गए हैं.