Central Railway News: रेल यात्रियों को राहत देने के लिए सेंट्रल रेलवे ने स्टेशन परिसर में मिलने वाली कई सेवाओं के आधिकारिक शुल्क सार्वजनिक कर दिए हैं. इसका मकसद यात्रियों से मनमाने तरीके से अतिरिक्त वसूली पर रोक लगाना और उन्हें तय दरों की जानकारी देना है. रेलवे ने लोगों से रसीद लेने और किसी भी गड़बड़ी की शिकायत करने की अपील भी की है.
स्टेशन पर किस सेवा के लिए कितना शुल्क देना है, रेलवे ने साफ किया
सेंट्रल रेलवे की ओर से जारी दर सूची के मुताबिक दो घंटे तक साइकिल पार्किंग के लिए 5 रुपए, दोपहिया वाहन के लिए 10 रुपए और कार या टैक्सी के लिए 20 रुपए शुल्क तय किया गया है. वहीं मासिक पास के लिए साइकिल पर 300 रुपए, दोपहिया वाहन पर 450 रुपए और कार के लिए 750 रुपए निर्धारित किए गए हैं.
मुंबई मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने सोशल मीडिया एक्स के जरिए यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी सेवा के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक भुगतान न करें.
कुली सेवा के लिए भी जारी किए गए आधिकारिक रेट
रेलवे ने कुली सेवा की दरें भी सार्वजनिक कर दी हैं. सिर पर 40 किलोग्राम तक सामान ले जाने के लिए 100 रुपए प्रति ट्रिप शुल्क तय किया गया है. वहीं ट्रॉली के जरिए 160 किलोग्राम तक सामान ढोने पर 150 रुपए देने होंगे.
इसके अलावा दो कुलियों की मदद से व्हीलवेयर या स्ट्रेचर सेवा लेने पर 150 रुपए और चार कुलियों द्वारा यह सुविधा उपलब्ध कराने पर 200 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है.
रेल नीर की कमी के बीच 15 वैकल्पिक ब्रांडों को मिली मंजूरी
रेल नीर की अस्थायी कमी को देखते हुए रेलवे ने 15 वैकल्पिक पैकेज्ड पेयजल ब्रांडों को मंजूरी दी है. सभी स्वीकृत ब्रांड का एक लीटर पानी 14 रुपए की तय कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा.
इन ब्रांडों में ऑक्सीमोर एक्वा, रोकोको, वैनिस ब्लू, ऑक्सी ग्रेड, बियोटिन, सनरिच एक्वा, एल्विश, इओनिटा, इन्वोलाइफ, स्प्लैशर, ऑक्सीराइज, कन्हैया, केल्विनो, विघ्नहर्ता आरोग्यम और ऑक्सी ब्लू शामिल हैं.
ज्यादा पैसे वसूले जाएं तो कहां करें शिकायत
रेलवे ने साफ किया है कि यदि कोई यात्री तय दर से अधिक भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है तो वह रसीद की फोटो के साथ हेल्पलाइन 139 या रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकता है.
सेंट्रल रेलवे की यह पहल यात्रियों को पारदर्शी और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम मानी जा रही है. तय दरों की जानकारी सार्वजनिक होने से अनावश्यक वसूली पर रोक लगेगी और यात्रियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने में भी मदद मिलेगी.