West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। किरीबुरू-छोटानागरा मुख्य मार्ग पर सारंडा घाटी के तितलीघाट और झाड़बेड़ा गांव के बीच एक यात्री बस तथा मोबिल और अन्य तरल सामग्री ले जा रहे पिकअप वाहन की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में इसकी आवाज सुनाई दी। दुर्घटना में दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पिकअप वाहन भी बुरी तरह टूट गया। राहत की बात यह रही कि बस में सवार यात्रियों, दोनों चालकों और अन्य लोगों को कोई गंभीर चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बच गए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
टक्कर के बाद कुछ देर के लिए घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और लोगों की मदद में जुट गए। स्थानीय लोगों के सहयोग से स्थिति को संभाला गया और यातायात व्यवस्था सामान्य करने का प्रयास किया गया। घटना की सूचना मिलते ही छोटानागरा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बस को अपने कब्जे में लेकर थाना भेज दिया। वहीं पिकअप वाहन देर तक घटनास्थल पर ही खड़ा रहा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तेज रफ्तार और अंधे मोड़ बने हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों वाहन घाटी के एक घुमावदार मोड़ पर पहुंचे थे। सामने से अचानक वाहन आने के कारण चालक समय रहते नियंत्रण नहीं कर सके और टक्कर हो गई। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क की भौगोलिक स्थिति को हादसे का कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि किरीबुरू-छोटानागरा सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विशेषकर सारंडा घाटी का तितलीघाट से सैडल गेट तक का हिस्सा बेहद संवेदनशील माना जाता है। संकरी सड़क और कई ब्लाइंड मोड़ों के कारण वाहन चालकों को सामने से आ रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता।
ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा उपायों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड, स्पीड कंट्रोल व्यवस्था और सड़क चौड़ीकरण की जरूरत है। साथ ही नियमित पुलिस निगरानी और वाहन चालकों को सतर्क करने के उपाय भी किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।